हरियाणा के पूर्व मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता तेजेंद्र पाल मान का रविवार देर रात दिल्ली में निधन हो गया। उत्तराखंड त्रासदी में गत 16 मई से उनकी पत्नी पुष्पा मान और उनका साला सतबीर लांबा और साले की पत्नी वीना लांबा लापता थे।
गत तीन जुलाई को ही उन्होंने अपनी पत्नी को मृत मानकर शांति पाठ कराया था। वह तभी से सदमे में थे।
पारिवारिक सूत्रों के अनुसार रविवार रात 9 बजे करनाल स्थित अपने आवास पर उन्हें अचानक सीने में दर्द की शिकायत हुई। इस पर उन्हें तत्काल दिल्ली के मैक्स अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
रात करीब सवा 11 बजे अमर उजाला संवाददाता की ओर से उनके नंबर पर किया गया फोन उनके एक परिजन ने उठाया और रोते हुए इस बात की पुष्टि की कि वह पार्थिव शरीर लेकर करनाल लौट रहे हैं।
76 वर्षीय मान अपने पीछे दो पुत्र बोनी और बॉबी मान को छोड़ गए हैं।
हरियाणा की राजनीति में मान परिवार की शुरू से ही काफी प्रतिष्ठा है। तेजेंद्र पाल मान 1991 में भजन लाल सरकार में मंत्री रहे। वर्ष 2005 का चुनाव उन्होंने निर्दलीय के रूप में पायी से जीता था और पिछले चुनाव में कांग्रेस की टिकट पर कलायत से हार गए थे।
चंडीगढ़ से बीई गोल्ड मेडलिस्ट रहे तेजेंद्र पाल मान की राजनीति में पहचान एक ईमानदार नेता के रूप में रही।