हरियाणा के पानीपत में एक पिता अपने ही बच्चों के खून का प्यासा बन गया। पानीपत के पुराना औद्योगिक क्षेत्र की इंद्रा विहार कॉलोनी में पिता ने अपने 13 और चार साल के बेटे को मारने का प्रयास किया। आरोपी पिता ने एक बेटे को फंदे पर लटकाकर और दूसरे को गला दबाकर मारने की कोशिश। छोटे बेटे ने पड़ोसियों को इस बारे में बताया कि उन्होंने दोनों बच्चों को बचाया।
सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुराना औद्योगिक क्षेत्र थाना पुलिस ने बच्चों को जिला नागरिक अस्पताल में भिजवाया, यहां इलाज के बाद दोनों को शेल्टर होम भेजा गया। वहीं जांच में सामने आया कि बच्चों का पिता अपनी पत्नी की मौत के बाद से ही मानसिक रूप से परेशान चल रहा है। पुलिस ने रोहतक पीजीआई में दाखिल कराया है।
इंद्रा विहार कॉलोनी निवासी छोटू की पत्नी लक्ष्मी (31) की 15 अगस्त को बीमारी से मौत हो गई थी। छोटू पुराना औद्योगिक क्षेत्र में ही एक फैक्ट्री में काम करता था। पत्नी लक्ष्मी की मौत के बाद छोटू पर अपने 13 साल के बेटे मोहित व सात साल के शिवा व चार साल के शिवम की परवरिश की जिम्मेदारी आ गई थी। छोटू पत्नी की मौत के बाद काफी परेशान रहने लगा। वह मानसिक रूप से परेशान हो चुका है। वह आए दिन तीनों बेटों को बुरी तरह पीटता था।
पड़ोसियों ने बताया कि वह घर में सामान की तोड़फोड़ भी करता था। अकसर चिल्लाता रहता और रोता रहता था। शनिवार शाम को छोटू चीख रहा था। कुछ देर बाद कमरे से बीच वाला बेटा शिवा रोते हुए बाहर आया। उसने पड़ोसियों को बताया कि उसका पिता उसके भाई मोहित व शिवम को मार रहा है। पड़ोसी कमरे में गए तो छोटू ने मोहित को कपड़े से गला घोट कर हवा में लटकाया हुआ था। शिवम का एक हाथ से गला घोंटा हुआ था। पड़ोसियों ने दोनों बच्चों को छुड़ाया और पुलिस को मौके पर बुलाया।
बाल कल्याण समिति के सदस्य डॉ. मुकेश आर्य ने बताया कि बच्चों की काउंसलिंग की गई है। बच्चों के साथ अकसर मारपीट की जाती थी। अब बच्चों को शेल्टर होम भेजा गया है। पुलिस को मामले में कार्रवाई के लिए कहा गया है।
पुराना औद्योगिक क्षेत्र पुलिस थाना प्रभारी फूल कुमार ने बताया कि आरोपी मानसिक रूप से परेशान है। उसका रोहतक पीजीआई में इलाज चल रहा है। उसके इलाज के बाद मामले में आगामी कार्रवाई की जाएगी। पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है।