महेंद्रगढ़। 1947 से पहले बने डाकघर को लघु सचिवालय में शिफ्ट करने के कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जबकि पुराने डाकघर को खंडहर घोषित कर उसको प्लेन करवा दिया गया। डाकघर की चाहर दीवारी बना दी गई लेकिन भवन अभी तक नहीं बन पाया है। दयाशंकर तिवाड़ी, समाज सेवी रामनिवास पाटौदा, विजय कुमार, हरिराम मेहता ने बताया कि करीब 10 वर्ष पहले डाकघर को लघु सचिवालय में सिफ्ट किया गया था। अब लोगों को 10 रुपये की डाक टिकट, पोस्टल आर्डर, रजिस्टरी, डाकघर में पैसे जमा करवाने के लिए 3 किलोमीटर की दूर जाना पड़ता है। जिसके कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि पुराना डाकघर चाहर दीवारी तक सिमट कर रह गया है। उन्होंने कहा कि डाकघर को पुरानी जगह पर नया भवन बनाया जाए ताकि लोगो को किसी भी तरह की परेशानी ना हो। उन्होंने कहा कि पुराना डाकघर अंग्रेजों के समय से बना हुआ था। 10 रुपये के पोस्टल आर्डर के लिए 10 रुपये का बाइक का तेल व पार्किंग का किराया 10 रुपये देकर जाना पड़ता है। जिसके कारण समय और धन की बर्बादी होती है। सबसे अधिक परेशानी शहरवासियों को हो रही है।
पुराना डाक घर बना हुआ था। करीब 10 वर्ष पहले इसको लघु सचिवालय में ले जा गया था। जिसके कारण शहरवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिनके पास साधन नहीं वजह से लोगो को पैदल-पैदल 3 किलोमीटर जाना पड़ता है।
- घनश्याम, दुकानदार
सरकार द्वारा पुराने डाकघर के चारों ओर चाहर दीवारी तो बना दी है लेकिन भवन नहीं बन पाया है। सरकार को चाहिए कि शीघ्र ही पुराने डाक में भवन बनाया जाए। ताकि लोगो को समय व धन कर बर्बादी ना हो।
- रोहताश तिवाड़ी, दुकानदार
मजबूरीवश 10 रुपये के पोस्टल आर्डर के लिए 3 किलोमीटर जाना पड़ रहा है। जिसको लेकर काफी परेशानी हो रही है। पोस्ट आर्डर के लिए 10 रुपये ऑटो व 10 रुपये पार्किंग वाले को देने पड़ रहे है।
- समाज सेवी रामनिवास पाटौदा
पुराने डाकघर की देख रेख में लोग सुबह और शाम को कूड़ा डालकर चले जाते है। पुराने डाकघर में नया भवन जाएगा तो कूडे से निजात मिल जाएगी और लोग कूड़ा भी डालेगे।
महेश शर्मा, दुकानदार
डाक विभाग के उच्च अधिकारियों को पत्र भेजा जा चुका है। इसको लेकर शीघ्र ही कार्रवाई की जाएगी। लोगों को किसी तरह की परेशानी नहीं रहने दी जाएगी।
-जिले सिंह, उप डाकपाल, महेंद्रगढ़