सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार ने सोमवार को जिला क्षय रोग केंद्र सेे मेदांता अस्पताल की मोबाइल एक्सरे वाहन व बिगड़ी हुई टीबी जांच की मशीन को हरी झंडी दिखाकर जिले में मिशन टीबी मुक्त हरियाणा की शुरूआत की।
उप सिविल सर्जन डॉ. हर्ष चौहान ने बताया कि टीबी मुक्त हरियाणा मिशन के तहत स्वास्थ्य विभाग एवं मेदांता अस्पताल गुरुग्राम के सहयोग से जिले मेें जिन संस्थाओं में एक्स-रे जांच की सुविधाएं नहीं हैं, उन संस्थाओं पर टीबी के रोगियों की पहचान के लिए शिविर लगाए जाएंगे। टीबी के बहुत से मरीज जिला क्षयरोग केंद्र नारनौल या नागरिक अस्पताल नारनौल नहीं पहुंच पाते। टीबी की जांच के लिए एक्स-रे व बलगम की जांच आवश्यक है। जिले की अधिकतर संस्थाओं में एक्स-रे की सुविधाएं नहीं है। जिस कारण टीबी की जांच एवं इलाज में देरी होती है व मरीज गंभीर अवस्था में टीबी के इलाज के लिए पहुंचता है। शिवरों में संभावित टीबी मरीजों की जांच व एक्स-रे मुफ्त किए जाएंगे। जो मरीज टीबी से ग्रस्त पाया जाएगा उनका डॉट्स प्रणाली के तहत मुफ्त इलाज किया जाएगा। बिगड़ी हुई टीबी के संभावित मरीजों की सीबीनेट मशीन से जांच की जाएगी।
चौहान ने बताया कि टीबी मुक्त हरियाणा के तहत सोमवार को पहला शिविर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सेहलंग में लगाया जाएगा। कैंप में टीबी के संभावित मरीजों के जांच व एक्स-रे किए जाएंगे। इस कैप में जिन मरीजों में टीबी के लक्षण मिलेंगे उनके बलगम की जांच की जाएगी व बिगड़ी हुई टीबी की जांच के लिए सैंपल नारनौल व करनाल की लैब में भिजवाए जाएंगे।
इस मौके पर चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय ग्रोवर, अजय ग्रोवर, भूपेंद्र सैनी, डीपीपीएमसी मनोज कुमार, डीपीएस रविन्द्र कुमार, डीईओ चिरंजी लाल, राकेश कुमार और मेदांता अस्पताल से अमित व संदीप उपस्थित थे।
इन केंद्रों पर लगेंगे शिविर
उप सिविल सर्जन डॉ. हर्ष चौहान ने बताया कि 24 मार्च को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भोजावास में, 25 को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मुंडिया खेड़ा में व 26 मार्च को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कनीना में कैंप लगाया जाएगा।