संवाद न्यूज एजेंसी
महेंद्रगढ़। राजकीय महाविद्यालय में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का आयोजन किया गया। नागरिक अस्पताल महेंद्रगढ़ के डॉ. संदीप सैनी और उनकी सहयोगी टीम सदस्य डॉ. ऊषा उपस्थित ने विद्यार्थियों को कृमिनाशक दवाई खिलाई। कृमि संक्रमण के कारण और उससे नुकसान के बारे में बताया।
मुख्य वक्ता डॉ. संदीप सैनी ने कहा कि कृमि संक्रमण बच्चों एवं युवाओं के शरीर में खून की कमी (एनीमिया), कमजोरी, थकान और अन्य गंभीर समस्याओं का कारण बनता है। लंबे समय तक कृमियों के रहने से बच्चों की शारीरिक वृद्धि रुक जाती है और मानसिक विकास पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
भारत सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी बच्चा या युवा कृमि संक्रमण से प्रभावित न हो। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए हर छह माह पर कृमिनाशक दवाइयां वितरित की जाती हैं। केवल बच्चों को ही नहीं बल्कि युवाओं को भी नियमित रूप से (हर 6 माह में) कृमिनाशक गोली लेनी चाहिए।
इससे शरीर में पोषण की कमी दूर होती है, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और व्यक्ति का शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य सुदृढ़ रहता है। प्राचार्य प्रो. पूर्ण प्रभा ने कहा कि राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस जैसे अभियान छात्रों के स्वास्थ्य संरक्षण के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। विद्यार्थियों का शारीरिक और मानसिक विकास तभी संभव है जब स्वस्थ रहें।
इस अवसर पर महाविद्यालय प्रबंधन, स्वास्थ्य विभाग तथा छात्र-छात्राओं के बीच एक साझा संकल्प भी लिया गया कि वे स्वच्छता, स्वास्थ्य और पोषण संबंधी आदतों को अपनाएंगे और नियमित रूप से कृमिनाशक दवा लेकर स्वयं को तथा समाज को स्वस्थ बनाएंगे। इस अवसर पर उप-प्राचार्य प्रो. विजय यादव, एनसीसी अधिकारी प्रो. डॉ. कैप्टन शमशेर सिंह, एनएसएस अधिकारी डॉ. अशोक कुमार, प्रो. जितेंद्र कुमार, प्रो. विकास, डॉ. आनंद कुमार, डॉ. अश्विनी, डॉ. रविंद्र कुमार मौजूद रहे।