महेंद्रगढ़। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय (हकेंवि), महेंद्रगढ़ में मंगलवार को वैदिक गणित और उसके अनुप्रयोग विषय पर केंद्रित एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें वैदिक गणित के पुरातन उपयोग, वर्तमान व भविष्य में इसकी आवश्यकता के बारे में अवगत कराया गया।
गणित विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. राजेश कुमार गुप्ता ने कार्यशाला की रूपरेखा प्रस्तुत की व विशेषज्ञों का स्वागत किया। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने संगणकीय गणनाओं के लिए वैदिक गणित के महत्त्व से अवगत कराया। उन्होंने इस क्षेत्र में उपलब्ध शोध, नवाचार व नए आयामों की ओर भी ध्यान आकर्षित किया। इसकी उपयोगिता विज्ञान, अभियांत्रिकी, प्रौद्योगिकी के साथ-साथ कम्प्यूटर सांइस व खगोल भौतिकी आदि क्षेत्रों में भी लगातार बढ़ रही है। कुलपति ने इस आयोजन को विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण बताया। इसी क्रम में विश्वविद्यालय की समकुलपति प्रो. सुषमा यादव ने वैदिक गणित व इसके महत्त्व से अवगत कराया।
मुख्य अतिथि के रूप में विश्वविद्यालय कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार और समकुलपति प्रो. सुषमा यादव सम्मिलित हुए। कार्यशाला में में विद्या भारती अखिल भारतीय संस्थान, दिल्ली के डॉ. राकेश भाटिया, दिल्ली कॉलेज ऑफ आर्टस एंड कॉमर्स की प्रो. अनुराधा गुप्ता व हकेंवि की डॉ. रितु बाला प्रतिभागियों के बीच उपस्थित रहे।
विशेषज्ञ वक्ता डॉ. राकेश भाटिया ने अपने संबोधन में वैदिक गणित के पुरातन उपयोग, वर्तमान व भविष्य में इसकी आवश्यकता के विषय में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वैदिक गणित के सूत्र गणित विषय के अध्ययन व गणितीय गणनाओं को सहज बनाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को विभिन्न उदाहरणों के माध्यम से वैदिक गणित व उसकी उपयोगिता से अवगत कराया। इस अवसर डॉ. जितेंद्र कुमार, डॉ. अरुण काजला, डॉ. पवन कुमार, डॉ. शाहजहां, डॉ. जगजीत, डॉ. जसवंत, डॉ. अमित, डॉ. अंशू यादव, डॉ. पिंकी, डॉ. मनजीत सहित भारी संख्या में विद्यार्थी व शोधार्थी उपस्थित रहे।