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अब म्हारी छोरियां भी बनेंगी लेफ्टिनेंट

Tue, 22 Mar 2016 11:48 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला
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अहीरवाल की बेटियां भी अब सेना में जाने का सपना आसानी से साकार कर पाएंगी। प्रदेश सरकार ने अपने दूसरे बजट में गांव खुडाना में सैनिक स्कूल खोलने की घोषणा की है। यह गांव 18 किलोमीटर दूर उत्तर दिशा में है। इस स्कूल में लड़कियां एनडीए की तैयारियां कर लेफ्टिनेंट बनेंगी। सैनिक स्कूल खुल जाने से महेंद्रगढ़ जिला शिक्षा के क्षेत्र में एक कदम और आगे बढ़ जाएगा। इसके अलावा नेशनल हाइवे हिसार से रेवाड़ी वाया सतनाली-महेंद्रगढ़-कनीना भी क्षेत्र के विकास में अहम भूमिका निभाएगा।
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क्या है महिला सैनिक स्कूल
सैनिक सोसायटी की ओर से जारी एडेड स्कूल होता है जो सीबीएसई द्वारा मान्यता प्राप्त होता है। इस का प्रबंधन आर्मी अधिकारी देखते हैं। प्राचार्य लेफ्टिनेंट कर्नल रैंक होता है जबकि अध्यापक और प्रवक्ता भी आर्मी एजूकेशन विभाग से लेफ्टिनेंट कर्नल रैंक के होते हैं, जो विद्यार्थियों को एनडीए की कोचिंग देते हैं। ऐसा माना जाता है कि सबसे अधिक लेफ्टिनेंट सैनिक स्कूलों के विद्यार्थी बनते हैं। यह स्कूल कक्षा छठी से 12वीं तक होता है 11 और 12वीं कक्षा में केवल नॉन मेडिकल संकाय  होता है।

देश का पहले महिला सैनिक स्कूल
आम बजट में घोषित खुडाना गांव में सैनिक स्कूल देश का पहला महिला सैनिक स्कूल होगा। अब तक देश में 25 सैनिक स्कूल हैं। यह स्कूल प्रत्येक राज्य में एक होता है लेकिन हरियाणा में यह तीसरा सैनिक स्कूल होगा। इससे पहले कुंजपुरा और रेवाड़ी में भी सैनिक स्कूल हैं।
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