फोटो 10 राधाकृष्ण मंदिर अटेली में चौथे दिन शिवजी के व्रत की कथा सुनाते हुए। संवाद
मंडी अटेली। श्री राधाकृष्ण मंदिर अटेली मंडी में नौ दिवसीय शिवमहापुराण कथा का आयोजन किया गया। कथावाचक राष्ट्रीय संत स्वामी कमल दास बापू ने बुधवार चौथे दिन शिवजी के व्रत की कथा सुनाई।
उन्होंने कहा कि सनातन धर्म में सावन माह का विशेष महत्व होता है। क्योंकि यह भोलेनाथ का प्रिय महीना माना जाता है। वहीं इस दौरान पड़ने वाले सभी सावन सोमवार के व्रत बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जो भी व्यक्ति सावन सोमवार को व्रत रखता है। साथ ही भगवान शिव और मां पार्वती का आशीर्वाद प्राप्त होता है। मान्यता है इस कथा के बिना व्रत का फल की प्राप्ति नहीं होती है। सावन सोमवार के व्रत कथा का वृतांत में बताया कि किसी नगर में एक साहूकार रहता था। जिसके घर में धन की कमी नहीं थी, लेकिन उसे संतान सुख प्राप्त नहीं हुआ था। जिस कारण वह बहुत परेशान रहता था। पुत्र प्राप्ति की इच्छा से वह हर सोमवार व्रत भी रखता था।
वह पूरी श्रद्धा के साथ शिव मंदिर जाकर भगवान शिव और पार्वती जी की अराधना करता था। उसकी भक्ति भाव से मां पार्वती प्रसन्न हो गई और भगवान शिव से उस साहूकार की मनोरथ पूर्ण करने का आग्रह करने लगी। माता पार्वती के आग्रह पर शिवजी ने साहूकार को पुत्र-प्राप्ति का वरदान दिया लेकिन साथ ही यह भी कहा कि इस बालक की उम्र केवल बारह वर्ष ही होगी।
माता पार्वती और भगवान शिव की बातचीत को साहूकार सुन रहा था। जिसे सुनकर न तो उसे कोई खुशी थी और ना ही दुख। वह पहले की तरह ही शिवजी की पूजा करता रहा। उसके पुत्र की उम्र भी दीर्घायु हुई और घर में सुख शांति और लक्ष्मी का वास भी घर में प्राप्त हुआ।