पिछले कुछ दिनों से क्षेत्र में पड़ रही ठंड से किसानों के चेहरे पर खुशी लौट आई है। ठंड बढ़ने से फसले लहलाने लगी हैं। पिछले एक सप्ताह से न्यूनत तापमान में बढ़ोतरी हुई है और तीन दिन से लगातार कोहरा भी छाया हुआ है। किसानों की मानें तो अगर इस समय बारिश हो जाए तो किसानों के लिए सोना बरसेगा। दिसंबर माह ठंड नहीं पड़ने के कारण किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई थी। दिसंबर माह में न्यूनतम तापमान 15 डिग्री से ऊपर जबकि अधिकतर तापमान 25 डिग्री से ऊपर चल रहा था। तापमान में न तो कमी आ रही थी और न ही इंद्रदेवता बरस रहे थे जिस कारण फसलों की वृद्धि रूक गई थी। फसलों की वृद्धि के समय तापमान की अधिकता फसलों के लिए नुकसानदायक माना जाता है। वैज्ञानिकों का मानना है कि कि ठंड फसलों के लिए फायदेमंद हैं अगर आगे सबकुछ ठीक रहा तो किसानों को रबी की फसल की अच्छी पैदावार मिलेेगी।
ठंड से फसल को फायदा
कृषि विज्ञान केंद्र महेंद्रगढ़ के वैज्ञानिक डॉ. रमेश ने बताया कि ठंड से रबी की फसल को भरपूर फायदा होगा। उन्होंने बताया कि ठंड के साथ अगर पाला गिरा तो फसलों के लिए नुकसानदायक होगा। कोहरा अभी कोई नुकसान नहीं करेगा अगर 15 दिन लगातार कोहरा जारी रहा तो सरसों की फसल के सफेद रतवा, एलटरनेरिया ब्लाइट आदि बीमारी लग सकती हैं जिससे फसल प्रभावित हो सकती है। सात दिन पहले ठंड नहीं होने से फसलों की वृद्धि रूक गई थी, फसलों में फुटाव नहीं हो रहा था। अगर इस समय बारिश हो जाए तो वह किसानों के लिए वरदान साबित होगी। चने की फसल के लिए तापमान सही चल रहा है।
1.40 लाख हेक्टयर में बोई गई रबी की फसल
महेंद्रगढ़ जिले में 70 प्रतिशत लोग खेती एवं पशुपालन कर अपनी आजीविका चलाते हैं। इस समय जिले के किसानों ने लगभग 1.40 लाख हेक्टेयर भूमि पर रबी की फसल बोई हैं। किसानों ने 77350 हेक्टेयर भूमि पर सरसो, 46900 हेक्टेयर पर गेहूं, 11260 हेक्टेयर पर चना, 670 हेक्टेयर पर मटर, 2550 हेक्टेयर पर चारा, 1080 पर जौ तथा 30-30 हेक्टेयर भूमि पर मेथी एवं मसूर की फसल बोई गई है।
अधिकतम घटा, न्यूनतम बढ़ा
रविवार को महेंद्रगढ़ का अधिकतम में गिरावट दर्ज की गई जबकि न्यूनतम तापमान बढ़ोतरी हुई। रविवार का अधिकतम तापमान 19.5 दर्ज किया गया है जबकि न्यूनतम तापमान 6.0 दर्ज किया गया है। शनिवार का न्यूनतम तापमान 5.2 डिग्री तथा अधिकतम तापमान 16 डिग्री था। दिसंबर के अंतिम सप्ताह में न्यूनतम तापमान 7 डिग्री से नीचे ही रहा है।
फसल महेंद्रगढ़ (हेक्टे. में) कनीना (हेक्टे. में)
सरसों 21600 20650
गेंहू 20200 9200
चना 2800 10
मटर 350 320
चारा 900 500
जौ 700 150
मैथी 00 30
मसूर 00 30
कुल 46500 30890
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मैंने लगभग 7 एकड़ में सरसों एवं गेंहू की फसल बो रखी है। दिसंबर माह में ठंड नहीं पड़ने के कारण फसलों की थोड़ी चिंता होने लगी थी लेकिन अब कुछ दिनों से ठंड बढ़ गई है जो फसलों के लिए लाभदायक है। -धर्मपाल जोशी
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हमने 3 एकड़ में रबी की फसल बोई है पूरे साल का घर खर्च खेती से ही चलता है। दिसंबर में दिन के समय तेज धूप रहता था जो फसलों को प्रभावित कर रहा था। अब कोहरा और ठंड दोनों पड़ रहा है, इससे फसलों की वृद्धि होगी। -दलीप
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हमने लगभग 14 एकड़ में सरसों और गेंहू बोए हुए हैं। अभी फसल को सबसे अधिक बारिश की आवश्यकता है। अगर बारिश होगी तो फसल की वृद्धि तेजी से होगी और अच्छा फुटाव होगा जिससे अच्छी पैदावार मिलेगी। -हनुमान सिंह
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खेत में गेंहू, एवं सरसों बो रखे हैं। खेती पर ही परिवार की आजीविका चलती है। इस समय फसल सही स्थिति में है, अगर सर्दी इसी तरीके से 15 दिन तक जारी रही तो फसल के लिए फायदेमंद रहेगी। अगर बारिश बरसी तो किसान के लिए सोहने पर सुहागा होगा। -बालकिशन