फोटो नंबर-04नागरिक अस्पताल के महिला वार्ड में सर्दी से बचने के लिए हीटर के सहारे बैठी स्टाफ न
नारनौल। अमर उजाला टीम ने बुधवार रात करीब साढ़े 9 बजे नागरिक अस्पताल का जायजा लिया। यहां पर पुरानी बिल्डिंग में दूसरी मंजिल पर बने महिला वार्ड की कुछ खिड़कियां टूटी थीं, जबकि यहां पर तैनात नर्सिंग ऑफिसर और सहायक हीटर जलाकर उसके पास बैठी थीं। गौर करने वाली बात यह है कि वार्ड की खिड़कियों से आने वाली ठंड हवा से बचाव के लिए महिला मरीजों के पास रजाई गद्दे ही थे। हालांकि स्टाफ के कमरे की खिड़की भी टूटी पाई गई।
टीम जच्चा-बच्चा वार्ड के बाहर एक युवक रजाई समेटे हुए कुर्सी पर सोता मिला। उसने बताया कि वह गांव भोजावास का रहने वाला करण सिंह है। पत्नी प्रसव पीड़ा से गुजर रही है। टीम ने उसे रैन बसेरे के बारे में बताया तो कहा कि उसे पता ही नहीं कि प्रशासन की ओर से इस प्रकार की कोई सुविधा भी है।
पुरानी बिल्डिंग के मुख्य द्वार के पास ही एक महिला और एक लड़का फर्श पर सोते हुए मिले। जब उनसे बात कि गई तो महिला ने बताया कि वह महेंद्रगढ़ के सैनीपुरा मोहल्ला की रहने वाली संतोष है। उसका बेटा योगेश है। उन्होंने बताया उनका पोता एनआरसी में भर्ती है। इसलिए वे यहां पर सो रहे हैं। मां-बेटा को भी रैनबसेरे की जानकारी नहीं थी। रैनबसेरे की सुनने के बाद दोनों वहां सोने के लिए चले गए।
इंसेट
बस क्यू शेल्टर के नीचे सोता मिला व्यक्ति
अस्पताल से जब टीम वापस आ रही थी तो सिंघाना रोड पर बिजली दफ्तर के पास बने बस क्यू शेल्टर की बेंच पर एक व्यक्ति कड़ाके की ठंड में सोता मिला। उसे जगाने की भी काफी कोशिश की, लेकिन उसने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। गहरी नींद में सोता ही रहा।
वर्जन
वैसे तो यह इमारत कंडम घोषित है। इसके बावजूद कोशिश यही रहती कि अस्पताल में आने वाले मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। टूटी खिड़कियों का मामला संज्ञान में आ गया है। इसे एक दो दिन में दुरुस्त करवा दिया जाएगा।-डॉ. आशा शर्मा, चिकित्सा अधीक्षक, नागरिक अस्पताल।