महेंद्रगढ़। गांव सीहमा एवं दौंगड़ा का उप तहसील का विवाद आज सुलझ सकता है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल शुक्रवार को अटेली विधानसभा में जनसंवाद कार्यक्रम करेंगे। इस दौरान दोनों ही गांवों के ग्रामीण मुख्यमंत्री से मिलकर अपना-अपना दावा पेश कर सकते हैं।
दो महीने पहले जनसंवाद में मुख्यमंत्री सीहमा को उप तहसील की घोषणा कर चुके हैं लेकिन दौंगड़ा के ग्रामीणों ने इसका विरोध कर दिया था। अभी सीहमा को उप तहसील बनाने का सरकार की तरफ से जिला प्रशासन के पास कोई नोटिफिकेशन भी नहीं आया। उपरोक्त मामले को लेकर दौंगड़ा गांव के ग्रामीण काफी सक्रिय हो रहे हैं, वो इस प्रोजेक्ट को खाना नहीं चाहते। इसके लिए वे सभी गांवों के सरपंचों से मिल रहे हैं और समर्थन में पंचायतों से प्रस्ताव भी ले रहे हैं। दौंगड़ा गांव ग्रामीण सुंदरह गांव में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम में मिल सकते हैं। वहीं जिला प्रशासन भी दोनों गांवों की फिजिबिलिटी रिपोर्ट मुख्यमंत्री के समक्ष पेश कर सकते हैं। मुख्यमंत्री जिला प्रशासन की रिपोर्ट पर ही अपनी अंतिम मोहर लगा सकते हैं।
मुख्यमंत्री को करना पड़ा था विरोध का सामना
मुख्यमंत्री मनोहर लाल दो महीने पहले जिले में जनसंवाद कार्यक्रम किया था। उस समय मुख्यमंत्री ने सीहमा में आयोजित कार्यक्रम में सीहमा को उप तहसील का दर्जा दिए जाने की घोषणा कर दी थी। उसी दिन मुख्यमंत्री का रात्रि ठहराव दौंगड़ा अहीर में था। घोषणा के बाद दौंगड़ा पहुंचे मुख्यमंत्री का ग्रामीणों ने जमकर विरोध किया। अगले दिन भी ग्रामीण जल्दी एकत्रित होकर मुख्यमंत्री का विरोध किया। बाद में मुख्यमंत्री ने गांव दौंगड़ा अहीर के प्रतिनिधि मंडल को बुलाकर बातचीत की। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधि मंडल का आश्वासन दिया था कि जहां पर फिजिबिलिटी होगी उसी गांव को उपतहसील का दर्जा दे दिया जाएग। उन्होंने यह भी कहा था कि इसका फैसला एक महीने बाद अटेली विधानसभा जनसंवाद कार्यक्रम में आएंगे तब कर देंगे।
दौंगड़ा पंचायत इन सुविधाओं को लेकर कर रही उप तहसील का दावा
- दौंगड़ा गांव का पुराना मार्केट है, कई गांवों के लोग यहां खरीदारी करने आते हैं।
- 32 गांवों के सरंपच उनके साथ हैं।
- गांव में पुलिस चौकी है, जिससे आसपास के अनेक गांव जुड़े हैं।
- गांव में डाकघर की व्यवस्था है जिससे अनेक गांव जुड़े हुए हैं।
- गांव में पशु अस्पताल, टेलीफोन एक्सचेंज, प्राथमिक चिकित्सा केंद्र की सुविधा है।
- गांव से कुछ दूरी पर ही 152 डी एक्सप्रेस हाईवे की सुविधा है, जहां प्रतिदिन हजारों की संख्या में वाहनों का आवागमन होता है।
- सभी गांवों का यह केंद्र है।
सीहमा पंचायत इन सुविधाओं को लेकर कर रही उप तहसील का दावा
- सीहमा में बिजली दफ्तर हैं जिसके अंतर्गत 69 से 65 गांव आते हैं।
- गांव में खंड कार्यालय है जिसके अंतर्गत 29 गांव आते हैं।
- गांव में राजकीय महाविद्यालय, प्राथमिक चिकित्सा केंद्र, टेलीफोन एक्सचेंज की सुविधा है।
- गांव की बड़ी मार्केट हैं जिसमें 40 से 50 गांव खरीददारी के लिए आते हैं।
- गांव में चार बैंक तथा खेल स्टेडियम की सुविधा है।
- गांव से 25 गांवों की पेयजल सप्लाई होती है।
हमारी 2010 से यह मांग चली आ रही है। मुख्यमंत्री ने 16 फरवरी 2020 दौंगड़ा रैली में ग्रामीणों को आश्वासन दिया था। दो महीने पहले आए तब भी प्रतिनिधि मंडल मिला था तो मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया था कि जहां पर भी फिजिबिलिटी होगी उसको उपतहसील बनाया जाएगा। हमारे से 32 गांव हैं जिनके हमारे पास प्रस्ताव भी है। प्रस्ताव की कॉपियां मुख्यमंत्री को सौपेंगे। -बबरूभान, सरपंच प्रतिनिधि, गांव दौंगड़ा।
सीहमा का उप तहसील बनना फाइनल हो चुका है। मुख्यमंत्री दो महीने पहले जनसंवाद कार्यक्रम में इसकी घोषणा भी कर चुके हैं। अभी तक इसका लेटर जारी नहीं हुआ है। हमारे साथ 40 गांव हैं। हम सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री से मिले थे तो उन्होंने आश्वासन दिया है कि मुख्यमंत्री घोषणा कर चुके हैं, उप तहसील सीहमा में ही बनेगी। -प्रमोद कुमार, सरपंच प्रतिनिधि, गांव सीहमा।