नारनौल। नो ड्यूज सर्टिफिकेट (एनडीसी) पोर्टल पर आने वाली ऑनलाइन फाइलों को अब कर्मचारी अपने मनमाने तरीके से नहीं निकाल सकेंगे। अब पोर्टल पर जो आवेदन आएंगे, उनको क्रमानुसार ही निपटाया जाएगा। इसमें किसी की सिफारिश नहीं चलेगी। पहले दस फाइल निपटने के बाद अगली दस फाइलों का नंबर आएगा। ऐसे ही क्रम अनुसार फाइल निकाली जाएंगी। इससे पोर्टल पर आवेदन करने वालों को काफी राहत मिलेगी। स्थानीय शहरी निकाय निदेशालय ने एनडीसी पाेर्टल पर फीफाे यानी फर्स्ट इन फर्स्ट आउट सिस्टम लागू कर दिया है।
मुख्यालय के अधिकारियाें ने सभी यूएलबी के मेकर, चेकर व एडमिन काे वीसी के जरिये इसकाे लेकर ट्रेनिंग दी है। अब यह सिस्टम लागू हाे गया है। अब सीरियल अनुसार ही फाइलाें का निपटान हाेगा। इससे लोगों को काफी फायदा मिल सकेगा और समय के अनुसार उनकी फाइलों का निपटान किया जा सकेगा। पहले नगर परिषद में एनडीसी पाेर्टल पर ऑनलाइन लगने वाली फाइलाें काे पहले जान-पहचान वाले लाेग पहले निकलवा लेते थे। आम लाेगाें की फाइल कई माह तक पड़ी रहती थी। इस कारण लाेगाें काे दिक्कत आती थी। बिना जान पहचान वालाें काे नगर परिषद के धक्के खाने पड़ते थे।
फाइल रिवर्ट होगी, लेकिन रिजेक्ट नहीं होगी
पोर्टल को अपडेट भी किया गया है। अब एनडीसी पोर्टल पर फाइल लगने पर अगर उसमें किसी प्रकार की कमी है तो फाइल को रिवर्ट किया जा सकेगा, लेकिन उसे रिजेक्ट नहीं किया जा सकेगा। मुख्यालय ने रिजेक्ट की ऑप्शन को ही हट दिया है।
भ्रष्टाचार पर राेक लगेगी
फीको सिस्टम लागू होने के बाद भ्रष्टाचार पर रोक लग सकेगी। पहले फाइल निकलवाने के लिए कर्मचारी पैसे तक मांग लेते थे। कई जिलों में प्रॉपर्टी आईडी जारी करने के नाम पर रिश्वत के मामले सामने आ चुके हैं। अब इससे भ्रष्टाचार पर भी लगाम कगेगी।
ये हाेते हैं ऑब्जेक्शन
-मुखिया की जानकारी
-प्राॅपर्टी डिटेल जैसे कैटेगरी या एरिया टैक्स से संबंधित
-अप्रूवड अन अप्रूवड और डेवलपमेंट चार्ज
वर्जन
एनडीसी पाेर्टल पर फर्स्ट इन फर्स्ट आउट का सिस्टम लागू हाे गया है। एनडीसी पाेर्टल पर अब पहले सबसे पुरानी दस फाइलें दिखाई देंगी। जैसे ही दस फाइलाें का निपटान हाेगी ताे क्रमानुसार उससे आगे की दस फाइलें निकलेंगी। अब रिजेक्ट का ऑप्शन भी खत्म कर दिया गया है।
-सुंदर सिंह, एक्सईएन, नगर परिषद, नारनौल