नारनौल। परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) में अब बिना धारक की अनुमति के बदलाव नहीं हो सकेंगे। अटल सेवा केंद्र संचालक भी बिना अनुमति के पीपीपी में बदलाव नहीं कर पाएंगे। इसके लिए उन्हें पहले धारक से ओटीपी लेना होगा। ओटीपी सत्यापन के बाद ही उसमें किसी प्रकार का बदलाव या अन्य कार्य हो सकेंगे। इससे पहले अटल सेवा केंद्र संचालक अपने यूजर आईडी और पासवर्ड के जरिये पोर्टल पर लॉगइन करते थे, जिसके बाद वह आधार कार्ड या पीपीपी संख्या डालकर अधिकतर बिंदुओं पर बदलाव कर सकते थे। ऐसे में कई बार गलत डाटा की भी एंट्री हो जाती थी। इसके चलते लोगों के परेशानियों का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब ऐसा नहीं हो सकेगा। आधार कार्ड या परिवार पहचान पत्र संख्या डालने के बाद संबंधित पीपीपी धारक के पास ओटीपी जाएगा, जिसके बाद परिवार पहचान पत्र ओपन हो सकेगा।
बिजली बिल की बढ़ी लिमिट से लोगों को मिली राहत
सरकार ने कुछ माह पहले 9 हजार सालाना बिजली बिल आने पर लोगों के राशन कार्ड काट दिए थे। इसमें हजारों लोगों के राशन कार्ड कट गए थे। उसके बाद मुख्यमंत्री ने बिजली बिल की सालाना लिमिट 9 हजार से बढ़ाकर 12 हजार करने की घोषणा की थी, जिस पर काम शुरू हो चुका है। अब 12 हजार सालाना से ज्यादा बिजली बिल वालों के राशन कार्ड कट रहे हैं और जिन लोगों के राशन कार्ड कटे थे, उनके दोबारा बनने शुरू हो गए हैं।
परिवार में छह सदस्य, दो के नाम नहीं जुड़ पा रहे
परिवार में छह सदस्य हैं, लेकिन दो सदस्यों के नाम नहीं जुड़ जा पा रहे। कई बार एडीसी कार्यालय में चक्कर काट चुके हैं, लेकिन अब तक समाधान हीं हो सका है।
सुनील कुमार, शहर निवासी
दिव्यांग की आमदनी 3 लाख, दिखाई 10 लाख
सीआरपीएफ में कार्यरत थे। वह विकलांग हो गए। उनकी पेंशन 25 हजार रुपये प्रति माह है, जो सालाना 3 लाख बनती है, लेकिन परिवार पहचान पत्र में दस लाख दिख रही है। वह शपथ पत्र भी दे चुके हैं, लेकिन आय में बदलाव नहीं हो रहा। बच्चों की पढ़ाई में दिक्कत आ रही है।
-सुनील कुमार, गुवानी निवासी
आर्थिक सहायता नहीं मिल पा रही
भाई की कुछ समय पहले मौत हो गई थी। रेडक्राॅस की तरफ से भाभी को 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता मिलनी थी। डेथ सर्टिफिकेट के आधार पर परिवार पहचान पत्र से नाम कटवा दिया गया, लेकिन मुख्यालय से अपडेट नहीं हुआ। इस कारण आर्थिक सहायता नहीं मिल पा रही। क्रीड कार्यालय का कई बार चक्कर लगा चुके हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है।
-कमल, पुल बाजार निवासी
वर्जन
अब बिना पीपीपी धारक की अनुमति यानी ओटीपी के बगैर आईडी नहीं खुलेगी और न ही उसमें बदलाव हो सकेगा। बदलाव या अन्य कार्य के लिए ओटीपी जरूरी कर दिया गया है। बिजली बिल की लिमिट भी 12 हजार हो चुकी है।
-मनदीप सिंह, मैनेजर, क्रीड