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आईएमटी के लिए सीएम से मिलेंगे, लिखित आश्वासन नहीं मिला तो सरकार जगाओ यात्रा निकालेंगे

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गांव खुडाना में आईएमटी को लेकर आयोजित महापंचायत में उपस्थित सामाजिक संगठन और ग्रामीण - फोटो : Narnol
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महेंद्रगढ़। गांव खुडाना में शनिवार को आईएमटी स्थापना को लेकर 31 गांवों की महापंचायत कप्तान गुमान सिंह की अध्यक्षता में हुई। इसमें 19 गांवों के सरपंच पहुंचे। सर्वसम्मति से फैसला लिया गया कि 8 नवंबर को गांव खुडाना में जनप्रतिनिधियों की महापंचायत होगी। इसमें महेंद्रगढ़ विधानसभा के सभी 105 गांवों के सरपंचों को आमंत्रण दिया जाएगा। उसी दिन एक शिष्टमंडल बनाया जाएगा। शिष्टमंडल प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ के जरिए सीएम मनोहरलाल से मिलेगा। सरकार से लिखित में आश्वासन नहीं मिला तो महेंद्रगढ़ स्वाभिमान एवं सरकार जगाओ यात्रा शुरू की जाएगी। यह यात्रा महेंद्रगढ़ से नारनौल जाएगी। इसके बाद मुख्यालय पर धरना दिया जाएगा।
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बता दें कि 24 फरवरी 2019 गांव खुडाना में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने तत्कालीन शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा की सिफारिश पर आईएमटी/आईई की आधारशिला रखी थी। आधारशिला रखे लगभग 20 माह बीत जाने से बाद भी इस पर कार्य शुरू नहीं हो पाया है। इस मुद्दे को लेकर शनिवार को क्षेत्र के लोगों ने महापंचायत बुलाई। गांव खुडाना की राजपूत धर्मशाला में आयोजित महापंचायत में पांच घंटे तक मंथन चला। महापंचायत में फैसला लिया गया कि विधानसभा के सभी 105 गांवों के सरपंचों के साथ बैठक की जाएगी। सभी सरपंचों को इसके लिए आमंत्रण भेजा जाएगा। 8 नवंबर को गांव खुडाना में दूसरी महापंचायत आयोजित की जाएगी। इसमें आगामी रणनीति तय की जाएगी। जनप्रतिनिधियों का शिष्ट मंडल भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ से समय लेकर उनके साथ ही मुख्यमंत्री से मिलेेगा। जिस दिन प्रदेश अध्यक्ष से मिलेंगे उसी दिन एक दिन का सभी गांवों के लोग सांकेतिक धरना देंगे। मुख्यमंत्री से मिलने के दौरान एचएसआईआईडीसी के अधिकारियों से लिखित में आश्वासन मिलेगा तो ही मानेंगे। अगर मांग नहीं मानी गई तो खुडाना से नारनौल तक महेंद्रगढ़ स्वाभिमान एवं सरकार जगाओ यात्रा निकाली जाएगी। नारनौल मुख्यालय धरना दिया जाएगा। महापंचायत में कांग्रेस के प्रदेश महासचिव सतबीर झुकिया, जिला पार्षद प्रदीप मालड़ा, पार्षद प्रतिनिधि विक्की खुडाना, समाजसेवी संदीप मालडा, खुडाना के सरपंच प्रतिनिधि ओमपाल, आकोदा के सरपंच प्रतिनिधि धर्मेंद्र, विनोद, संतोष, संजय राव, राजेंद्र सिंह, मंजीत सहित अन्य उपस्थित थे।
आईएमटी खुडाना का प्रोजेक्ट एचएसआईआईडीसी के अधिकारी जानबूझकर रद्द करवाना चाहते हैं। आधारशिला रखने से पहले इसकी फिजिबिलिटी जांच की गई तो उस समय भी उन्होंने गलत तथ्य रखकर नॉन फिजिबल दिखाने का प्रयास कर रहे थे। कुछ दिन पहले आरटीआई की रिपोर्ट मांगी थी तो उसमें भी आईएमटी खुडाना का कहीं नाम नहीं दिखाया था। प्रस्तावित प्रोजेक्ट में भी नाम नहीं देख रखा था। अधिकारियों ने जमीन ट्रांसफर नहीं करवाई। इस प्रोजेक्ट रद्द करने का दूसरा तरीका अभिव्यक्ति की अभिरुचि निकाली। जिसके जरिए यहां कम उधमियों की रुचि बताकर प्रोजेक्ट रद्द किया जा सके।
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संदीप मालड़ा, समाजसेवी।
मुख्यमंत्री जब अपनी घोषणा से मुकरते हैं तो इससे बड़ी तोहीन क्या होगी। इसके लिए हम सभी को एकजुट होकर संघर्ष करना होगा। जब क्षेत्र की हक बात आती है तो उनके लिए पार्टी बाद में क्षेत्र पहले हैं। वर्तमान विधायक या तो विधानसभा में इसको उठाए नहीं यहां धरने पर आकर बैठे। सीएम मनोहरलाल के अलावा इस संबंध में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा से भी मिलना चाहिए।
सतबीर झुकिया, प्रदेश महासचिव, कांग्रेस।
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महांपचायत के बाद भूख हड़ताल पर बैठ जाना चाहिए। यह पहल सबसे पहले मैं कर दूंगा। जब तक आईएमटी नहीं आएगी तब तक लड़ाई जारी रखें। अगर क्षेत्र के लोग मुझे कोई जिम्मेदारी भी सौंपेंगे निभाने के लिए तैयार हूं।
-विक्की खुडाना, जिला पार्षद प्रतिनिधि।
इस प्रोजेक्ट की लड़ाई के लिए सबसे पहले नीयत साफ होनी चाहिए। एकजुट होकर यह संघर्ष करना पड़ेगा। कुर्बानियां भी देनी पड़ सकती है, मामले भी दर्ज हो सकते हैं। उस समय पीछे हटाना नहीं होगा। आंदोलन लगातार जारी रखना होगा।
संतोष पीटीआई, सामाजिक कार्यकर्ता।
खुडाना सहित कई गांवों के सरंपच कई बार उपायुक्त से मिल चुके हैं। सभी पंचायतें आईएमटी स्थापित करवाना चाहते हैं। 8-9 माह पहले जिला प्रशासन, सरपंचों तथा एचएसआईआईडीसी के अधिकारियों की मीटिंग भी हुई थी। हम सर्कल रेट पर जमीन देने का हम तैयार हो गए थे। उसके बाद भी अधिकारी इस पर काम शुरू नहीं कर रहे।
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-ओमपाल, सरपंच प्रतिनिधि गांव खुडाना।
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