फोटो संख्या:65- कनीना में श्रीमद्देवी भागवत कथा में आरती करती महिलाएं--स्रोत- आयोजक
कनीना। क्षेत्र में चल रही श्रीमद्देवी भागवत कथा का शनिवार को हवन के साथ समापन किया गया। कथा के अंतिम दिन कथा व्यास हेमराज भारद्वाज ने कहा कि जब-जब धरती पर पाप बढ़े हैं तब मां भगवती ने अवतार लिया है। जीवन में सत्य का आचरण करने वाला व्यक्ति उन्नति के पथ पर अग्रसर होता है। माता-पिता का आदर करना और उनकी सेवा करना ही सच्ची सेवा है।
उन्होंने कहा कि देवी भगवती जगत की मां हैं, जो भी मां की शरण में आता है उसका कल्याण होता है। पति-पत्नी को कभी भी लड़ना नहीं चाहिए, दोनों ही जीवन के दो पहिए हैं। दोनाें को मिल-जुलकर जीवन को आगे बढ़ाना चाहिए। उन्हाेंने देवी के विभिन्न स्वरूपों का वर्णन करते हुए कहा कि देवी सर्वशक्तिमान है। जब जब धरती पर पाप बढ़े हैं मां भगवती ने अलग-अलग रूपों में अवतार लिया। कई लोग बुढ़ापे में माता-पिता को वृद्ध आश्रम में छोड़ देते हैं। ऐसे लोगों को अनेक जन्माें में घोर दुख भोगने पड़ते हैं। मां भगवती भक्तों को सांसारिक सुखों के साथ-साथ मोक्ष प्रदान करने वाली है। इस दौरानगुरु शरण गुप्ता, राजेंद्र राठी, श्यामलाल सारश्वत, लक्ष्मी देवी, शकुंतला, कुसुम लता मास्टर नेमी चंद, योगेश गुप्ता, उमेद देवी, धर्मेंद्र, सुभाष कौशिक सतनाली नीरज, अनीता, गीता, रचना, राजदुलारी उपस्थित रहे।