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जब-जब दुराचार बढ़ा तब प्रभु का अवतार हुआ : पंडित कुलदीप

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फोटो संख्या:67- गांव लावण में श्रीमद्भागवत कथा के दौरान झूमती महिलाएं--स्रोत- आयोजक
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महेंद्रगढ़। व लावण स्थित बाबा समाध वाले मंदिर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन श्रद्धालुओं ने श्रीकृष्ण जन्म और भगवान श्रीराम के जीवन प्रसंगों का श्रवण किया। कथाव्यास पंडित कुलदीप भारद्वाज ने कहा कि जब-जब पृथ्वी पर अत्याचार, अधर्म और पाप बढ़ते हैं, तब-तब भगवान धर्म की स्थापना और दुष्टों के विनाश के लिए अवतार लेते हैं। उन्होंने बताया कि कंस के अत्याचारों से पृथ्वी व्याकुल होने पर भगवान विष्णु ने देवकी के अष्टम पुत्र के रूप में श्रीकृष्ण का अवतार लिया। वहीं त्रेता युग में रावण के अत्याचारों से मुक्ति दिलाने के लिए भगवान श्रीराम का जन्म हुआ। कथाव्यास ने श्रीकृष्ण की माखन-चोरी लीला का आध्यात्मिक महत्व बताते हुए कहा कि माखन सार तत्व का प्रतीक है। उन्होंने श्रद्धालुओं से नश्वर भौतिक सुखों के बजाय परमात्मा की प्राप्ति को जीवन का लक्ष्य बनाने का संदेश दिया। कथा सुनकर श्रद्धालु भक्ति भाव में सराबोर हो गए।
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