नारनौल। कॉलेज के दिनों में एक परिचित को रक्त के लिए भटकते देखा। इसके बाद भी उनको रक्त नहीं मिला। इस घटना से प्रभावित किया और हमने रक्तदान करने का संकल्प लिया। 19 वर्ष की उम्र में पहली बार रक्तदान किया। यह सिलसिला जारी है। 50 बार रक्तदान कर चुके हैं। 11 बार बार आपातकालीन स्थितियों में जरूरतमंदों को रक्तदान किया। एक संस्था बनाकर युवाओं को रक्तदान अभियान से जोड़ा है जो जरूरत पड़ने पर रक्तदान के लिए तत्पर रहते हैं। आठ वष से मैं सेवा जुटा हूं। रक्तदान शिविरों के माध्यम से अब तक करीब 4000 यूनिट रक्त एकत्र किया जा चुका है। आसपास के क्षेत्रों में भी जरूरतमंद मरीजों को रक्त उपलब्ध करवाया गया है।- मनीष गोगिया (50),खड़खड़ी, नारनौल।