अटेली, नांगल चौधरी,नारनौल। जिले की मंडियों में सरसों की आवक शुरू हो गई है। क्षेत्र में सरसों की कटाई 70 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। संभावना है कि रविवार के अवकाश के बाद सोमवार से सरसों की आवक में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।
शनिवार को नारनौल में 51, अटेली में 146 और नांगल चौधरी में 17 गेटपास जारी किए गए और नारनौल में 865.5 क्विंटल, नांगल चौधरी में 456.5 क्विंटल और अटेली में 2739.8 क्विंटल सरसों की आवक हुई। खरीद शुरू होने के बाद पिछले 15 दिनों में अब तक अटेली में 6439 क्विंटल सरसों की खरीद व 5000 क्विंटल सरसों का उठान किया गया है। वहीं नारनौल और नांगल चौधरी में अब तक क्रमश: 2026 क्विंटल और नांगल चौधरी में 1457 क्विंटल सरसों की खरीद की गई है।
क्षेत्र में रबी फसल के दौरान मुख्य तौर पर गेहूं व सरसों की फसल उगाई जाती है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से क्षेत्र के किसानों का रुझान सरसों की तरफ ज्यादा देखने को मिला है। सरसों की फसल में गेंहू की तुलना में पानी की सिंचाई कम करनी होती है और पैदावार अच्छी होने पर मुनाफा भी ज्यादा मिलता है। जिले में करीब 91752 किसानों ने 333360 एकड़ पर फसल उगाई हुई है। जिसमें से सबसे ज्यादा 87224 किसानों ने करीब 281353 एकड़ क्षेत्र में केवल सरसों की फसल उगाई हुई है।
गेंहू की खरीद 1 अप्रैल से शुरू, न्यूनतम समर्थन मूल्य 2425 रुपये :
जिले की सभी अनाज मंडियों में गेहूं की खरीद एक अप्रैल से शुरू की जा रही है। गेहूं की खरीद के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य 2425 रुपये निर्धारित किया गया है। गेहूं की आवक नहीं होने की ज्यादा संभावना है, क्योंकि बाजार भाव की तुलना में न्यूनतम समर्थन मूल्य कम है। इस कारण किसानों में सरकारी भाव पर गेंहू बेचने के लिए ज्यादा उत्साह नहीं है। नई व पुरानी अनाज मंडियों के व्यापारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार नए गेहूं का बाजार भाव 2500 रुपये से ज्यादा बना हुआ है।
1 अप्रैल से गेहूं की खरीद भी शुरू की जाएगी, गेंहू के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य 2425 रुपये निर्धारित किया गया है। वहीं क्षेत्र में अधिकतर स्थानों पर सरसों की कटाई का कार्य पूरा हो गया है। किसानों से अपील हैं कि सरसों को उचित प्रकार से सुखा कर लाएं ताकि नमी की अधिकता के कारण परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।
प्रवीण भारद्वाज, मैनेजर, हैफेड, नारनौल।