फोटो संख्या:69- आर्य समाज मंदिर में हवन करते समाज के लोग---स्रोत- आयोजक
महेंद्रगढ़। महर्षि दयानंद सरस्वती की 200वीं जयंती के उपलक्ष्य में विश्व कल्याण, पर्यावरण शुद्धि के लिए आर्य समाज मंदिर की यज्ञशाला में साप्ताहिक हवन और सत्संग का आयोजन किया गया। पंडित भूपेंद्र सिंह आर्य ने वेद मंत्रोच्चारण के साथ हवन संपन्न कराया। उन्हाेंने कहा कि मानव की शारीरिक, मानसिक और आत्मिक शांति के लिए प्राचीन ऋषि मुनियों ने अनेक विधानों की व्यवस्था की थी जिनका पालन करते हुए मानव अपनी आत्म शुद्धि, आत्म बल वृद्धि और आरोग्य की रक्षा कर सकता है। ब्रह्म आसन पर कवि गुरु बृहस्पति शास्त्री रहे। आर्य समाज के मंत्री डॉ. विक्रांत डागर ने बताया कि सत्य सनातन वैदिक धर्म जिसे सनातन धर्म या वैदिक धर्म भी कहते हैं। एक प्राचीन और शाश्वत परंपरा है जिसकी जड़ें वेदों में हैं। यह सत्य या शाश्वत धर्म है क्योंकि इसका न कोई आरंभ है और न अंत। इस अवसर पर सुनीताआर्या, मुकेश आर्या, डॉ. आनंद कुमार सुरजनवास, नरेश कुमार, प्रवीण सैनी, अतर सिंह, महेंद्र दीवान और दीपक आर्य मौजूद रहे।