नांगल चौधरी में सोमवार दोपहर कों एक बार फिर से तेज बारिश शुरू हो गई। एक बजकर 50 मिनट पर शुरू हुई तेज बारिश से किसानों के चेहरे पर चिंता क़ी लकीरें खींच गई हैं। इससे किसानों क़ी बची हुई सरसो क़ी फसल को नुकसान होगा। वही तेज हवाओ से गेंहू क़ी फ़सल भी पीछे जाएगी।
फसलों को हो रहा नुकसान
रविवार कों भी नांगल चौधरी और सीहमा मैं तेज बारिश के साथ औलावृष्टि हुई थी, जिससे किसानों कि सरसो कि फ़सल को नुकसान पहुंचा हैं। किसानों ने सरकार से मुआवजे कि मांग भी कि ही। सोमवार सुबह से ही नारनौल और नांगल चौधरी में आसमान मैं बादल छाए हुए थे। दोपहर कों नांगल चौधरी में तेज बरसात शुरू हो गई।
दिया जाएगा धरना
पाले और ओलावृष्टि से प्रभावित महेंद्रगढ़ जिले की फसलों के मुआवजे को लेकर आज तीन बजे से पांच बजे तक उपायुक्त कार्यालय नारनौल में किसानों द्वारा सांकेतिक धरना दिया जाएगा। इसके बाद ज्ञापन भी सौंपा जाएगा।
यमुनानगर में भी हुई बारिश
शहर में एक घंटा तक जोरदार बारिश हुई। इससे शहर में कई जगहों पर निचले इलाकों व सड़कों पर बारिश का पानी जमा हो गया। जिससे लोगों को परेशानी हुई। सड़कों पर जाम की स्थिति रही। वहीं ग्रामीण क्षेत्र में दोपहर से हल्की बूंदाबांदी हो रही है। फिलहाल बारिश का गेहूं या सरसों को नुकसान नहीं है। यदि तेज हवा चलती है तो गेहूं के खेतों में बिछने का खतरा है।
भागल क्षेत्र में ओलावृष्टि सहित आठ से दस एमएम बरसात पानी
कैथल। सोमवार को हुई बेमौसम बारिश के बाद खेत में किसानों की लहलहाती गेहूं की फसल पूरी तरह से बर्बाद होने की कगार पर है। गांव भागल क्षेत्र में ओलावृष्टि हुई है। वहीं पूरे जिले में दोपहर बादहुई बारिश में करीब आठ से दस एमएम पानी बरसने का अनुमान हे। किसानों का कहना है कि तेज हवा के साथ हुई बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों को पूरी तरह से बर्बाद कर दिया है।
कैथल जिले के किसानों को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। विदित रहे कि दोपहर दो बजे से शाम साढ़े तीन बजे तक जमकर मूसलाधार बरसात हुई है। बारिश के चलते शहर की सभी सडक़ें भी जलमग्न हो गई है। वहीं ठंडी हवाओं ने एक बार फिर से लोगों को ठंडक का एहसास करवाया। बरसात थमने के बाद लोग गर्म कपड़ों में लिपटे नजर आए। वहीं बरसात के बाद अधिकतम तापमान में लगभग 06 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई हैं।