महेंद्रगढ़। लगातार बढ़ती ठंड रबी की फसलों के लिए लाभदायक है। गेहूं व सरसों दोनों ही फसलों में तेजी से बढ़वार व फुटाव शुरू हो चुका है। विशेषज्ञों के अनुसार, दाेनों फसलों की बिजाई के 30 दिन बाद का समय खरपतवार नियंत्रण के लिए उपयुक्त है। गेहूं की बिजाई के 12 दिन बाद किसान पहली सिंचाई कर सकते हैं।
इस बार जिले में अनुमानित 2.80 लाख एकड़ रकबे में सरसों व करीब 70 हजार एकड़ रकबे में गेहूं की बिजाई की गई है। एक सप्ताह से लगातार तापमान में गिरावट का क्रम बना हुआ है जो फसलों के लिए लाभदायक है। इस समय सरसों की पहली सिंचाई का अधिकांश रकबे में काम पूरा हो चुका है जबकि गेहूं की सिंचाई तेजी से जारी है।
महेंद्रगढ़ जिले में दोनों फसलों में खरपतवार के रूप में बथुआ, कथुआ, हिरणखुरी, मंडुसी, जंगली जई, जंगली पालक, गजरे की अधिक समस्या बनी रहती है। सरसों में निराई-गुड़ाई के माध्यम से खरपतवार नियंत्रण करें। गेहूं में खरपतवार नियंत्रण के लिए विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार स्प्रै का प्रयोग कर सकते हैं।
खरपतवार नियंत्रण के लिए यह तरीका अपनाएं
कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों के अनुसार, गेहूं में चौड़ी पत्ती के खरपतवार जैसे जंगली पालक को नियंत्रण के लिए गेहूं बिजाई के 30 से 35 दिनों के बाद मैटसैल्फ्यूरोन (एलग्रीप) 8.0 ग्राम प्रति एकड़ के हिसाब से 200 से 250 लीटर पानी का घोल बनाकर हवा बंद होने पर छिड़काव करें। इसके अलावा अन्य प्रकार का खरपतवार की अधिकता हो तो विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार ही खरपतवार नाशक का प्रयोग करें।
एक सप्ताह के दौरान तापमान की स्थिति
वार अधिकतम न्यूनतम
शनिवार 24.2 7.0
रविवार 25.7 7.8
सोमवार 23.5 6.5
मंगलवार 23.8 5.2
बुधवार 24.0 5.6
वीरवार 24.0 5.3
शुक्रवार 21.2 4.2
शनिवार 20.8 3.5
- वर्जन:
रबी की फसलों में बिजाई के बाद 30 से 35 दिनों का समय खरपतवार नियंत्रण के लिए उपयुक्त है। इस समय दोनों ही फसलों के लिए उचित तापमान बना हुआ है। सरसों में तेजी से बढ़वार, फुटाव व गेहूं की फसल में फुटाव भी शुरू हो चुका है। -डॉ. जयलाल यादव, वरिष्ठ संयोजक कृषि विज्ञान केंद्र, महेंद्रगढ़