नारनौल। शहर में वीरवार दोपहर बाद झमाझम बारिश हुई जिससे लोगों को पिछले कुछ दिनों से पड़ रही उमस भरी भीषण गर्मी से राहत मिली तो शहर के विभिन्न स्थानों व मोहल्लों में जलभराव हो जाने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं बारिश के बाद तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई।
मौसम विभाग ने इस माह के अंत तक झमाझम बारिश की संभावना जताई है जिसके तहत पिछले दो-तीन दिन से लगातार रुक-रुक हल्की से मध्यम व तेज बारिश देखने को मिल रही है। वीरवार को जिला में नारनौल में 51.0 मिलीमीटर, सतनाली में 10.0 मिलीमीटर और महेंद्रगढ़ में 13.0 मिलीमीटर, अटेली में 15 मिलीमीटर, नांगल चौधरी में 5.0 मिलीमीटर, कनीना में मात्र 1.0 मिलीमीटर बारिश हुई। जिले में मानसून एक बार फिर से सक्रिय हो गया है। जिसके चलते दो-तीन दिन से लगातार बारिश की गतिविधियां देखने को मिल रही है।
रेवाड़ी रोड पर कैलाश नगर में घरों के अंदर घुसा पानी
वीरवार दोपहर बाद हुई झमाझम बारिश के चलते शहर के रेवाड़ी रोड के दोनों तरफ बसे कैलाश नगर में घरों, दुकानों, मंदिर एवं श्मशान भूमि के अंदर घुस गया। स्थानीय लोगों ने नगर परिषद प्रशासन के प्रति रोष जताते हुए कहा कि घरों के अंदर पानी घुसने का बड़ा कारण सड़क मार्ग के दोनों तरफ नालों की सफाई नहीं होना है। घरों दुकानों के अंदर पानी घुस जाने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा, क्योंकि बारिश थमने के बाद भी उनके घरों में से पानी की निकासी नहीं हो पाई थी। लोगाें के अनुसार उन्होंने नगर परिषद को नालों की सफाई को लेकर शिकायत दी गई है लेकिन नालाें की साफ-सफाई नहीं होने के कारण यह समस्या बन गई है।
बारिश ने खोली पानी निकासी की पोल
शहर में करीब एक घंटे हुई झमाझम बारिश ने एक बार फिर से नगर परिषद प्रशासन के शहर में पानी निकासी के दावों की पोल कर रखी दी है। इस बारिश में शहर के मोहल्ला जमालपुर, सैन चौक, पुरानी सराय, मोहल्ला रावका, पार्क गली, नगर परिषद के सामने, मोहिनी गली, पुरानी कचहरी के पास, रेवाड़ी रोड, टीबी अस्पताल के सामने, पुस्तक गली, सलामपुरा, संघीवाड़ा, अनाज मंडी, मुख्य बाजार आदि निचले इलाकों में जलभराव हो गया। इसके अलावा शहर के अंडरपास में भी पानी भर गया। जिस कारण लोगों को आवागमन करने में काफी परेशानी हुई।
जिले में मानसूनी ने पकड़ी रफ्तार
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि बंगाल की खाड़ी पर बना लो प्रेशर एरिया धीरे-धीरे भारत के पश्चिमी हिस्सों की तरफ बढ़ रहा है साथ ही मानसून टर्फ रेखा भी हरियाणा एनसीआर दिल्ली के आसपास पहुंच गई है। इसके अलावा एक पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों पर सक्रिय होने से राजस्थान के पूर्वी हिस्से पर एक प्रेरित चक्रवातीय सरकुलेशन बना हुआ है। इन मौसमी प्रणालियों के चलते मानसून गतिविधियों ने रफ्तार पकड़ ली है। जिस कारण वीरवार को महेंद्रगढ़ में झमाझम बारिश देखने को मिली। उन्होंने बताया कि हरियाणा एनसीआर दिल्ली में 27-31 के दौरान हल्की से मध्यम बारिश और अगस्त महीने के पहले सप्ताहांत तक भी मौसम परिवर्तनशील बना रहेगा और मानसून गतिविधियों को दर्ज किया जाएगा।