फोटो नंबर-22जल महल में खड़ी घास व झाड़ियां। संवाद
नारनौल। नांगल चौधरी रोड पर स्थित जल महल को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए जलमहल परिसर में कई विकास कार्य किए गए हैं। साथ ही कुछ नए कार्य के लिए मंजूरी मिल चुकी है। अब जल्द ही टेंडर जारी किए जाएंगे।
संभावना है कि सभी कार्य पूरे होने के बाद आगामी 3 से 4 महीनों में जल महल में पानी भर दिया जाएगा। पानी भरने के बाद जल महल का दीदार करने के लिए लोगो को टिकट भी कटवानी होगी। जिन कार्यों के लिए मंजूरी मिली है, उनमें भवन की पेंटिंग का कार्य, तालाब में बनी क्षतिग्रस्त सीढ़ियों को ठीक करने का कार्य, तालाब के अंदर उगी घास और झाड़ियों को साफ करने सहित अनेक कार्य किए जाएंगे। टेंडर जारी करने के बाद निर्माण कार्य की पैमाइश के आधार भुगतान किया जाएगा।
इतिहास और धरोहर के बारे में जानकारी लेंगे छात्र
जल महल के समीप स्थित पंचकुइया तालाब की दीवार का कार्य पूरा कर लिया गया है। वहीं जल महल परिसर में पब्लिकेशन बूथ भी विद्यार्थियों और इतिहास में रुचि रखने वाले लोगों के लिए खोला गया है। पब्लिकेशन बूथ में ऐतिहासिक धरोहरों से जुड़ी अनेक किताब उपलब्ध है। विद्यार्थी व लोग बूथ से किताब को खरीद भी सकते हैं। जल महल परिसर में 8 सोलर लाइट लगाई गई हैं, वहीं जल्द ही 10 सोलर लाइट और लगाई जाएगी।
नए कार्यों के लिए मंजूरी मिल चुकी है जल्द ही टेंडर जारी किए जाएंगे। संभावना है की सभी कार्य पूरे होने के बाद आगामी 3 से 4 महीनों में जल महल में पानी भर दिया जाएगा।
- अमित कुमार, संरक्षण सहायक भारतीय पुरातत्व संरक्षण विभाग