जल शक्ति अभियान के तहत जल संरक्षण योजना का बेस लाइन सर्वे का आंकड़ा बिल्कुल सटीक होना चाहिए। साथ ही इसको जीओ टैग किया जाए ताकि सही स्थिति का पता चले। ये निर्देश मुख्य सचिव की सभी जिलों के अधिकारियों के साथ हुई वीडियो कांफ्रेंसिंग के बाद जल शक्ति अभियान के केंद्रीय नोडल अधिकारी व अतिरिक्त सचिव राजीव बंसल ने वीरवार को लघु सचिवालय में जिले के अधिकारियों को दिए। बंसल ने कहा कि हमें 77 दिन का समय दिया गया था। इसमें से दस दिन निकल चुके हैं। अब 67 दिन में धरातल पर कुछ दिखना चाहिए। इसके लिए पहले महेंद्रगढ़ व कनीना खंड के वाटर लेेवल का एवरेज चेक कर लें। इसके बाद 67 दिन के बाद हमारा परिणाम हमारे सामने होगा।
उन्होंने कहा कि अधिकारी सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़े। आज हमने पानी की एक-एक बूंद को सहेजने का काम नहीं किया तो आने वाली पीढ़ी को बहुत बड़े संकट की ओर धकेल रहे हैं। हमें स्वच्छता अभियान की तरह इस अभियान को कामयाब बनाना है। अधिकारी ने कहा कि पांच स्तर पर काम करना है। इसमें जल संरक्षण, पुराने जोहड़ों की छंटाई, खराब पड़े बोरवेल में बारिश का पानी डालना, पानी को दोबारा प्रयोग के लिए ग्रे वाटर ट्रीटमेंट व पौधरोपण कार्यक्रम चलाकर पानी बचाने का काम करना है। इस मौके पर उपायुक्त जगदीश शर्मा के अलावा अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।
दौंगली गांव की तरह सहेजा जाए पानी
जल शक्ति अभियान के तहत लघु सचिवालय में हुई बैठक में केंद्रीय नोडल अधिकारी व अतिरिक्त सचिव राजीव बंसल ने कहा कि जिले में अगर कहीं किसी गांव में कोई अच्छा प्रोजेक्ट है तो उसे महेंद्रगढ़ व कनीना के गांवों में भी लगाया जाए। अधिकारियों ने नांगल चौधरी खंड के गांव दौंगली का उदाहरण दिया। जिसमें पूरे गांव में हर रोज प्रयोग होने वाला पानी गलियों में नहीं बल्कि हर पांच व दस घरों के बीच पंचायत द्वारा बनाए गए कुएं में पाइप लगाकर डाला जा रहा है। इस कुएं को ऊपर से बंद किया हुआ है। इस तरह से एक तरफ गांव की गलियों में पानी नहीं फैलता वहीं सारा पानी जमीन के अंदर जा रहा है। इस पर उन्होंने महेंद्रगढ़ व कनीना के बीडीपीओ को दौंगली का दौरा कर प्रोजेक्ट को देखने के निर्देश दिए।