नारनौल। बुढ़वाल नहर का निर्माण 36 साल बाद अगस्त तक पूरा होने की संभावना है। अभी यह नहर 4.920 किमी तक बनी हुई थी जिसे अब 7.417 किलोमीटर तक बनाई जा रही है। इस कार्य पर करीब 82 लाख रुपये खर्च होंगे।
इस बीच पंचायत ने एक प्रस्ताव पारित कर सिंचाई विभाग को एक ज्ञापन सौंपा है जिसमें पहले बनाई गई नहर को भी दुरुस्त करने की मांग की गई है, क्योंकि नहर काफी समय पहले बनाई गई थी जिसकी वजह से वर्तमान में खस्ताहाल है।
वहीं राजस्थान सीमा से आने वाले बरसाती नाले का पुनरुद्धार करवाने की मांग की है ताकि बारिश के पानी का सही तरीके से संचयन हो सके और किसानों को अतिरिक्त लाभ मिल सके। चार एकड़ में पक्का स्टोरेज टैंक और जोहड़ की खुदाई की भी ग्रामीणों ने मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि फिलहाल भूमिगत जल 1000 फीट के आसपास है। अब टैंक और जोहड़ खुदाई होने के बाद निरंतर गिर रहे भूमिगत जलस्तर में सुधार होने की संभावना है।
बुढवाल माइनर के निर्माण के लिए वर्ष 1990 में ही जमीन का अधिग्रहण कर लिया गया था लेकिन उस समय किसानों द्वारा जमीन नहीं दिए जाने के कारण कार्य अधूरा रह गया था। वहीं किसानों को दिया जाने वाला मुआवजा भी किसानों ने नहीं लिया और आज तक ट्रेजरी में जमा है।
सिंचाई विभाग क्षेत्र में जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए सैनियों की ढाणी में करीब 3.50 करोड़ रुपये की लागत से स्टोरेज टैंक भी बनाया है। इस माइनर के बनने के उपरांत और मरम्मत के बाद आसपास के खेतों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
बुढ़वाल नहर पर पांच पुल पहले से स्वीकृत है। इस माइनर पर सरकारी रास्तों पर पुलों की संख्या बढ़ाने की भी ग्रामीण मांग कर रहे हैं। हालांकि पांच के अलावा पुल निर्माण करने के लिए मुख्यालय से स्वीकृति मिलने के बाद ही कार्य किया जा सकेगा।
सरपंच धर्मवीर सिंह ने बताया कि उपरोक्त पुलों के निर्माण के लिए शीघ्र ही एक प्रतिनिधिमंडल हरियाणा की सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी से मिलेगा। इस कार्य को पूरा करवाने के लिए उनका धन्यवाद भी करेंगे।
वर्जन:
बुढ़वाल नहर का निर्माण कार्य अगस्त तक पूरा होने की संभावना है। अब पंचायत ने पहले से बनी नहर को दुरुस्त करने की मांग की है। ग्राम पंचायत ने प्रस्ताव पारित कर बरसाती नाले का पुनरुद्धार, चार एकड़ में पक्का स्टोरेज बनाने और जोहड़ की खुदाई करने का अनुरोध किया है जिसे शीघ्र ही सिंचाई विभाग के मुख्यालय पंचकूला को स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा । -राजेश वर्मा, एसडीओ सिंचाई विभाग, नारनौल