महेंद्रगढ़। पिछले 15 दिनों से पड़ ही भीषण गर्मी के कारण शहर के कई हिस्सों में पेयजल संकट भी गहराया हुआ है। इससे शहर में टैंकर से पानी की आपूर्ति का कारोबार खूब फलफूल रहा है।
शहर में शुद्ध पेयजल, निर्माण कार्यों में प्रयोग करने व बर्तन कपड़े धोने के लिए अलग-अलग रेट और गुणवत्ता के टैंकर उपलब्ध हैं। इसके लिए 200 रुपये से 1200 रुपये तक आपूर्ति के लिए चार्ज लिया जाता है। वर्षों पहले शहर के आसपास एवं शहरी क्षेत्र में जो सार्वजनिक कुएं चलते थे वह सभी ठप हो चुके हैं। साथ ही शहर की पेयजल आपूर्ति के लिए गांव देवास में बनाई गई जल परियोजना सिर्फ 30 हजार की आबादी को ही पर्याप्त पानी उपलब्ध करा सकती है। इस समय शहर की आबादी 50 हजार पार कर चुकी है। ऐसे में पानी की आपूर्ति के लिए लोगों को टैंकर का सहरा लेना पड़ रहा है।
पेयजल आपूर्ति प्रभावित होते ही बढ़ जाती है मांग
शहर के बूस्टिंग स्टेशन पर कभी मोटर शराब हो जाती है तो कभी क्षेत्र में नहरी पानी के अभाव में आपूर्ति प्रभावित होती है। शहरवासी पेयजल को लेकर पानी के टैंकर मंगवाने के लिए मजबूर हो जाते हैं। शहर में जब कोई मकान, दुकान व अन्य प्रकार के निर्माण कार्य कराता है तो उनकी पूर्ण रूप से पानी की जरूरतों के लिए टैंकर खरीदने पड़ते हैं।
पांच साल में छह गुणा बढ़ गए रेट
पिछले पांच सालों के दौरान टैंकर के रेट भी करीब छह गुना अधिक हो गए हैं। निर्माण कार्य से लेकर घरेलू जरूरतों व शुद्ध पेयजल के लिए अलग-अलग शुल्क लिया जाता है। घरेलू जरूरतों के लिए महज 400 रुपये में टैंकर आपूर्ति कर दिया जाता है, जिसमें केवल बर्तन व कपड़े धोने के लिए प्रयोग में ले सकते हैं। निर्माण कार्य के लिए प्रयोग किए जाने वाले पानी के टैंकर भी महज 600 से 800 रुपये में उपलब्ध हो जाते हैं। वहीं शुद्ध पेयजल के लिए प्रति टैंकर करीब 1200 रुपये तक चार्ज लिया जाता है। क्योंकि इन टैंकरों की बनावट, साफ-सफाई तथा रखरखाव पर अधिक खर्च करना पड़ता है। इसके अलावा दो-तीन मंजिला मकानों की छतों पर रखी टंकी को भरने के लिए 100 से 200 रुपये का अतिरिक्त चार्ज लिया जाता है।
यहां से की जाती है टैंकरों के माध्यम से पानी आपूर्ति
घरेलू जरूरतों के हिसाब से टैंकर भरने का स्थान निर्धारित किया जाता है। घरेलू जरूरतों व पशुओं के लिए नहरों से पानी फिल्टर करके टैंकर में डालकर भेजा जाता है। शुद्ध पानी के लिए निजी बोरवेल के माध्यम से यह टैंकर भरवाकर आपूर्ति किए जाते हैं। सार्वजनिक आयोजनों, विवाह-शादी समारोह, रैली व अन्य प्रकार के आयोजनों के लिए टैंकर की बजाए अन्य वाहनों में टंकी के माध्यम से पानी की आपूर्ति होती है।
हाल ही में शहर में पेयजल आपूर्ति के लिए एक बड़ी परियोजना को स्वीकृति मिली है। आगामी एक वर्ष में यह परियोजना पूरी होने के बाद शहर में पानी की कोई कमी नहीं रहेगी। गांव चितलांग में शहर पेयजल आपूर्ति के लिए दस एकड़ भूमि पर जल परियोजना बनाई जाएगी। भूमिगत पाइप लाइन के माध्यम से शहर के आसपास तीन और बूस्टिंग स्टेशन बनाकर पूरे शहर में पानी आपूर्ति होगी।
-रमेश सैनी, प्रधान नगरपालिका महेंद्रगढ़।
फोटो संख्या:51- श्रीकृष्णा कॉलोनी में खड़ा पानी टैंकर--स्रोत-संवाद