हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के लोगों के लिए निर्माणाधीन आरसीसी सड़क सिरदर्द बन गई है। सड़क निर्माण के कारण पानी की लाइन टूट गई। इससे करीब 15 दिन से 70 घरों में पानी की सप्लाई ठप हो गई। इन लोगों को टैंकर से पानी मंगाना पड़ रहा है। विभागीय अधिकारियों से शिकायत के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है।
कॉलोनी वासियों ने बताया कि जर्जर सड़क को बनाने के लिए खुदाई कुछ दिन पहले की गई थी। जिस कारण पीने के पानी की पाइप लाइन टूट गई। लोगों को मलाल है कि अभी तक ठेकेदार ने न तो सड़क निर्माण का कार्य शुरू किया है और न ही क्षतिग्रस्त्र लाइन को ठीक किया है। समस्या से त्रस्त लोग खरीदकर पानी उपयोग कर रहे हैं। बता दें कि महेंद्रगढ़ रोड पर गांव नूनी शेखपुरा गांव की भूमि पर हाउंसिंग बोर्ड के तहत मकानों का निर्माण हुआ था। सभी सुविधाओं से युक्त इस कॉलोनी को शहर की वीआईपी कॉलोनी माना जाता रहा है।
मजदूरों से कार्य करना चाहिए था-एसडीओ
जनस्वास्थ्य विभाग के एसडीओ गोपाल सिंह ने गांव नूनी के सरपंच और खंड विकास एवं पंचायत विभाग की लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए कहा कि उक्त कॉलोनी गांव नूनी के तहत आती है। ग्राम पंचायत के माध्यम से ही सड़क निर्माण कार्य शुरू किया जा रहा है। सड़क का कार्य मजदूरों से कराना चाहिए था, लेकिन पंचायत प्रतिनिधियों ने कोताही बरतते जेसीबी का प्रयोग किया। जिसके चलते नीचे दबी पानी की लाइनें टूट हो गई है। विभाग के पास ऐसा कोई प्रावधान या बजट नहीं है कि ग्रामीण क्षेत्र की लाइन को ठीक करवाने या फिर उसे बदलने का काम किया जाए। खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी से भी इस पर बात की गई थी तो उन्होंने आश्वासन दिया था कि एक-दो दिन में नई पाइप की खरीदारी की जाएगी। लेकिन, खंड विकास अधिकारी कार्यालय से अभी तक कोई खरीद संबधित जानकारी नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि यदि पंचायत और खंड स्तरीय अधिकारियों ने आगे भी कार्य में कोताही बरती तो आशंका है कि हाऊसिंग बोर्ड निवासियों को सीवर लाइन की समस्या से भी रूबरू होना पड़ सकता है। जनस्वास्थ्य विभाग की तरफ से खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी को मामले से अवगत करवा दिया गया है। बता दें कि कॉलोनी में पानी व सीवर जनस्वास्थ्य विभाग देखता है।
कॉलोनी की सड़क टूटी हुई थी। ऐसे में जीर्णोद्धार की आवश्यकता को देखते हुए सड़क को दोबारा से बनाया जा रहा था। जिससे पाइन लाइन टूट गई। लोगों को पीने के पानी को ही तरसना पड़ रहा है।
- कृष्ण कुमार शर्मा, स्थानीय निवासी
यहां के लोगों की मूल समस्या यह है कि उक्त कॉलोनी नप में अभी तक शामिल नहीं की गई है। कॉलोनी को गांव नूनी शेखपुरा गांव का ही हिस्सा माना जा रहा है। यही कारण है कि शहरी तर्ज पर होने वाले विकास की बात यहां आकर गौण हो जाते है। --- महीपाल,स्थानीय निवासी
- उम्मीद थी कि इस योजना के तहत बने मकानों को पूर्ण सुविधा प्रदान की जाएगी। पंद्रह दिनों से हालत बद से बदत्तर बने हुए है। विभागीय अधिकारियों को सूचित भी किया जा चुका, लेकिन समस्या यथावत बनी है।-नरेश कौशिक, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी
दोनों सड़क के करीब 60-70 परिवारों पंद्रह दिनों से टैंकरों का पानी मंगाना पड़ रहा है। एक टैंकर 250 रुपये में आता था, अब उसी के दाम 300 रुपये प्रति टैंकर कर दिए हैं। लोगों को मजबूरी में पीने के पानी की व्यवस्था करनी पड़ रही है। -पुष्पा
-किसी भी विकास कार्य की शुरूआत करने से पहले जवाबदेही तय होनी चाहिए। लेकिन ,ठेकेदार अपनी मनमर्जी के अनुसार ही विकास के काम को अंजाम देते है, उन्हें जनता के दुख और तकलीफों से कोई लेना देना नहीं होता है। -रजनी