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दौंखेरा में पेयजल संकट गहराया

Sun, 17 Apr 2016 10:52 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला
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पिछले करीब 15 दिन से दौंखेरा में पेयजल संकट बना हुआ है। विभागीय  अधिकारियों को समस्या से अवगत करवा दिया, लेकिन अभी तक समाधान नहीं कराया गया। इससे ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ना शुरू हो गया। लालचंद, विनोद, कृष्ण कुमार व सुनील कुमार आदि ने बताया ग्रामीणों की पेयजल सुविधा के लिए विभाग द्वारा गांव में आधा दर्जन बोरवेल लगाए गए हैं। भूजल सूखने के कारण चार बोरवेल बंद हो गए। चार महीने से दो बोरवेलों से पानी सप्लाई हो रहा है। इनमें अब जल स्त्रोत सूखने से मोटर ने पानी छोड़ना शुरू कर दिया। पर्याप्त सप्लाई नहीं मिलने से गांव में पेयजल संकट बना हुआ है। फरवरी महीने में नाबार्ड परियोजना के तहत ग्रामीणों को केनाल बेस्ड नहरी पानी उपलब्ध कराया गया। परंतु गांव में आबादी के मुताबिक टंकियां उपलब्ध नहीं। 3-4 टंकियों में ही नहरी पानी पहुंच रहा है। इनमें दो घंटे बाद पानी खत्म हो जाता है। ग्रामीणों को टैंकरों द्वारा पानी मंगवाना पड़ रहा है। पहाड़  नजदीक होने के कारण गांव में गर्मी का प्रकोप अधिक रहता है। पानी की डिमांड बढ़ने पर संचालकों ने टैंकर सप्लाई के रेट बढ़ा दिए। इससे गरीब वर्ग की मुसीबत बढ़ गई। उन्होंने विभाग को दूरभाष पर समस्या से अवगत करवा दिया,  किंतु अधिकारियों ने समाधान प्रक्रिया आरंभ नहीं करवाई।
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पशुपालन व्यवसाय प्रभावित
ग्रामीणों ने बताया कि भूजल के अभाव में खेतीबाड़ी व्यवसाय ठप हो गया। ग्रामीणों की  आजीविका पशुपालन व्यवसाय पर निर्भर हो गई। पेयजल उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्होंने पशुओं को औने-पौने दामों में बेचना शुरू कर दिया। इससे परिवार के पालन-पौषण का संकट उत्पन्न हो गया।

जल्द करवाया जाएगा समाधान
विभाग के कनिष्ठ अभियंता विजय कुमार ने बताया कि दौंखेरा में पेयजल समस्या की  जानकारी नहीं मिली। सोमवार को समस्या का जायजा लिया जाएगा। खराब मोटरों की  रिपेयर व अन्य विकल्पों से समाधान करवा दिया जाएगा।
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