पेयजल समस्या से परेशान खटोटी के लोगों ने शुक्रवार सुबह दिल्ली-झुंझुनूं हाईवे पर जाम लगा दिया। लोग पंचायती नलकूप की खराब मोटर ठीक नहीं होने से पानी न आने का विरोध कर रहे थे। महिलाओं ने सड़क पर खाली मटके लेकर प्रदर्शन किया। जाम के कारण हाईवे पर करीब ढाई घंटे यातायात बाधित रहा। इससे मार्ग पर आने-जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। जाम की सूचना पर पहुंचे अधिकारियों ने आनन-फानन में मौके पर ही समस्या का समाधान करने के लिए मशीनें बुलवाई। उसके बाद ग्रामीणों ने जाम खोला।
खटोटी खुर्द के लोगों ने गांव के पंचायती नलकूप की मोटर पिछले 25 दिन से खराब है। ग्रामा पंचायत ने मोटर ठीक कराने के लिए दो दिन बाद ही नलकूप से बाहर निकाल ली थी और जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग नारनौल को इसकी सूचना दी थी। विभाग के जेई और एसडीओ को सूचना देने के बाद कार्यकारी अभियंता से कार्यालय मिले थे। इतने दिन तक भी मोटर को ठीक नहीं किया। ग्रामीणों ने बताया कि इस बारे में कई बार एसडीओ और एक्सईएन से मोबाइल पर संपर्क किया लेकिन उनका रवैया टरकाने वाला ही रहा। कभी जवाब मिलता कि कर्मचारी हड़ताल पर हैं तो कभी कहते कि बजट नहीं है। अधिकारियों ने ग्रामीणों के फोन ही रिसीव करने बंद कर दिे थे।
एक-एक बूंद को तरस रहे ग्रामीण
ग्रामीणों ने बताया कि वह पानी की एक-एक बूंद के मोहताज हैं और विभाग के अफसरों और कर्मचारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंगी। उन्होंने बताया कि ये गांव के किसानों का भला हो जो इन बुरे हालातों में भी रबी जैसी महंगी फसल की सिंचाई छोड़कर ग्रामीणों को पीने का पानी उपलब्ध करा रहे हैं। वरना प्यासे मरने की नौबत आ गई है।
जाम खुलवाने पहुंचे कई अफसर
जाम की सूचना पर गहली चौकी प्रभारी धर्म सिंह पुलिस बल समेत मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने उनकी एक नहीं मानी। बाद में सदर थाना प्रभारी साधुराम, जनस्वास्थ्य विभाग के एसडीओ अमित जैन, जेई राजीव कुमार और खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी धर्मवीर यादव जाम स्थल पर पहुंचे और उन्होंने ग्रामीणों से जाम खोलने की गुजारिश की। ग्रामीणों ने कहा कि जब तक मोटर ठीक करके पानी की सप्लाई चालू नहीं की जाएगी, तब तक जाम नहीं खोलेंगे। ग्रामीणों की बात सुनने के बाद अफसरों ने मौके पर ही मशीन और मोटर मंगवाई। इस पर ग्रामीणों ने जाम खोला। जाम खुलने के बाद अधिकारियों ने राहत की सांस ली।