निकासी न होने के कारण नालियां गंदे पानी से लबालब भरी हैं। वहीं उनिंदा, अटेली बेगपुर व श्मशान भूमि की और जाने वाला मुख्य मार्ग पूर्ण रूप से बाधित हो गया है।
कस्बावासी पवन गोयल, संजय गोयल, गौरव शर्मा, पवन भारद्वाज, जयभगवान, अमित कुमार, विनय शर्मा आदि ने बताया कि पिछले तीन माह से पुरानी तहसील व पशु अस्पताल के सामने गंदे पानी का जल भराव कस्बे निवासियों के लिए समस्या का कारण बना हुआ है।
सड़क पर हुए जल भराव के कारण वार्ड नं. 3 के निवासियों तथा उनिंदा व अटेली बेगपुर जाने वाले राहगीरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रास्ता कस्बे की श्मशान भूमि से भी जुड़ा है। स्कूली छात्र अपना रास्ता बदलकर विद्यालय पहुंचने को मजबूर है।
पिछले काफी समय से अटेली शहर का गंदा पानी रेलवे ट्रैक के साथ-साथ शहर से बाहर निकल जाता था परंतु साल भर से कारीडोर कार्य के चलते रेलवे ने अपनी सीमा में गंदे पानी की निकासी को बंद कर दिया है।
जिसके कारण शहर का गंदा पानी मार्केट कमेटी की चारदीवारी में एकत्रित होता रहा परंतु गंदे पानी की अधिकता मार्केट कमेटी की संपत्ति को हो रहे नुकसान को लेकर मार्केट कमेटी ने भी नगर पालिका को नोटिस थमा दिया था।
वहीं रेलवे की तरफ से रेलवे ट्रैक के नीचे से पानी के क्रासिंग के लिए अनुमति न दिए जाने पर मामला और अधिक पेचीदा हो गया है। जिसके चलते गंदे पानी के जल भराव की समस्या जस की तस बनी हुई है। शहर की अधिकांश नालियां गंदे पानी से लबालब भरी है।
पानी की समस्या से निपटने के लिए सेफ्टी टैंकों से पानी निकालने का कार्य जारी है मगर पानी का अधिक जमावड़ा होने के कारण पूर्ण रूप से यह कार्य अभी नहीं हो पाया है इसे जल्द ही पूरा कर दिया जाएगा।--विकास यादव, नपा चेयरमैन
सीवर लाइन को रेलवे सीमा से क्रास करने के लिए रेल विभाग से उच्च अधिकारियों को पत्र लिखा गया है। अनुमति न मिलने का हमें भी खेद हो रहा है। -बृजमोहन, एसडीओ