महेंद्रगढ़। क्षेत्र में मंगलवार ही सुबह आठ घंटे बारिश हुई। शहर के नीचले हिस्सों में जलभराव हो गया। पुराना नारनौल रोड, मोहल्ला महायचान तथा अन्य मोहल्लों में पानी घुटना तक भर गया। इसके अलावा एसडीएम आवास के पास भी पानी अधिक भर जाने की वजह से मकानों के अंदर पानी घूस गया। वहीं गांव मालड़ा सराय में लगभग 60 एकड़ कपास तथा बाजरे के खेतों में पानी भर गया। इसके अलावा एक पूरे मकान के अंदर दरार आ गई, दो ट्यूबवैल धंस तथा दो कोटड़े धंस गए। किसानों के सरकार से फसल खराब के लिए मुआवजा राशि दिए जाने और अन्य नुकसान के लिए आर्थिक सहायता दिए जाने की मांग की है।
मंगलवार की अल सुबह लगभग दो बजे से क्षेत्र में हलकी बूंदाबांदी शुरू हो गई थी। लगभग चार बजे से साढ़े पांच बजे तक तेज बारिश हो गई। बारिश सुबह दस बजे तक हलकी-हलकी होती रही। बारिश की वजह से सबसे अधिक मालड़ा सराय के ग्रामीणों को हुआ है। मालड़ा सराय के सरपंच पवन कुमार ने बताया कि मालड़ा सराय-पाथेड़ा नहर के पास लगभग 60 एकड़ भूमि जलमग्न हो गई। खेत में किसानों की कपास एवं बाजरे की फसल खड़ी थी। कपास के पत्ते पीले पड़ गए हैं। इसके अलावा राजबीर सिंह एवं उदयभान का ट्यूबवैल तथा कमरा (कोटड़ा) धंस गया। वहीं सुनील पुत्र मोहनलाल के ट्यूबवैल पर बना कमरा धंस गया।
मकान में आईं दरार
गांव मालड़ा सराय निवासी उदयभान ने मकान नहर से 100 मीटर दूरी पर खेतों में बना रखा है। मकान के चारो ओर पानी भरने से पूरे मकान के अंदर दरारें आ गई हैं। थ्री रूम सेट के मकान के फर्श की टाइलें टूट गई हैं। एक सप्ताह पहले हुई बारिश की वजह से ऐसा हुआ था। अब हालात यह है कि मकान कभी भी गिर सकता है। इस वजह से मालिक मकान के बाहर खुले में तंबू लगाकर सोता है जबकि पुत्रवधू और सास पशुओें के लिए बनाए गए टिन शेड के नीचे सोना पड़ रहा है। उदयभान से सरकार से आर्थिक सहायता दिए जाने की मांग की है।
25 जुलाई तक होगी बारिश
राजकीय महाविद्यालय नारनौल के पर्यावरण क्लब के नोडल अधिकारी डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी पर ओडिशा के तट पर एक चक्रवातीय तूफान बना है और यह समुद्र तल से 7.6 किमी की ऊंचाई तक फैल गया है, जिसके परिणामस्वरूप उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बन गया है। अगले 48 घंटे में इसके उत्तर पश्चिम की और बढ़ने की संभावना है । साथ ही साथ उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों पर एक ताजा पश्चिमी विक्षोभ 21 जुलाई को सक्रिय होने से संपूर्ण उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों और मैदानी राज्यों पंजाब, राजस्थान, उत्तरप्रदेश और हरियाणा, एनसीआर, दिल्ली में मानसून गतिविधियां लगातार 18 से 25 जुलाई के दौरान रुक-रुककर झमाझम बारिश देखने को मिलेगी। इसलिए भारतीय मौसम विभाग ने संपूर्ण इलाके पर येलो अलर्ट जारी कर दिया है। लगातार मानसून गतिविधियों का सिलसिला जारी रहेगा।