फोटो नंबर- 13पाठशाला की दीवार में आई दरार। संवाद
नारनौल। शहर के पुरानी मंडी मोहल्ले में स्थित प्राथमिक स्कूल की दो दीवारों में दरारें हैं और बारिश में पानी टपकता है। इतना ही नहीं यहां पांच कक्षाओं के 87 बच्चे सिर्फ दो कमरों और एक बरामदे में पढ़ते हैं। इनकी छत भी जर्जर हालात में हैं। हालात इतने खराब हैं कि बीते एक साल में करीब 10 फीसदी बच्चों ने स्कूल छोड़ दिया।
इसके अलावा, मिड-डे-मील का खाना भी जर्जर किचन में बनाया जाता है जहां बारिश में पानी टपकता है। इसे देखते हुए शिक्षकों ने आपस में पैसे जुटाकर छत की मरम्मत करवाई।
स्कूल के मुख्य द्वार के पास की दीवार भी कमजोर है। सहारे के लिए पिलर लगाकर अस्थायी व्यवस्था की गई है। शौचालयों के दरवाजे टूटे हुए हैं और बच्चों के खेलने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है।
स्कूल के बाहर घास उगी होने से गोवंश का जमावड़ा रहता है। उनके आपस में लड़ने से भी बच्चों की सुरक्षा को खतरा रहता है। स्कूल में शुद्ध पेयजल की भी व्यवस्था नहीं है। पानी की टंकी लंबे समय से खराब है और आरओ सिस्टम भी नहीं लगा है।
एक साल में 9 बच्चों ने छोड़ा स्कूल
स्कूल के स्टोर रूम की दीवार पिछले साल अगस्त में बारिश के दौरान गिर गई थी। एक साल बाद भी अब तक उसकी मरम्मत नहीं हुई है, न ही गिरी हुई दीवार का मलबा भी हटाया गया है। वहीं दीवार गिरने के बाद तीन बच्चों ने स्कूल भी छोड़ दिया था। स्कूल की स्थिति को देखते हुए अभिभावक भी बच्चों के यहां भेजना में कतराते हैं। इस स्कूल में पिछले साल 96 बच्चे पढ़ते थे जिनकी संख्या घटकर इस साल 87 रह गई है।
वर्जन:
पुरानी मंडी स्थित प्राथमिक पाठशाला भवन की मरम्मत व चहारदीवारी के निर्माण के लिए करीब 2.74 लाख रुपये का एस्टीमेट मुख्यालय भेजा गया है। बजट पास होने के बाद जल्द ही मरम्मत शुरू कराएंगे।
-अशोक कुमार शर्मा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, नारनौल