नाबार्ड ने मूलौदी गांव में टैगोर सामाजिक एवं शिक्षा समिति के सहयोग से जल के बेहतर संरक्षण प्रबंधन के उद्देश्य से ग्रामीणों में जागरूकता बढ़ाने के लिए बृहस्पतिवार को एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में डा. रमेश कुमार वैज्ञानिक ने बताया कि हमारे जिले में वर्षा बहुत कम होती है। जिस कारण जिले का भूजल स्तर गिरता जा रहा है। अत: हमें वर्षा के पानी का संरक्षण करना चाहिए और इस पानी को कृषि की पैदावार बढ़ाने के लिए प्रयोग करना चाहिए। हमें कम पानी से होने वाली किस्मों का प्रयोग करना चाहिए। उन्होंने बताया कि खरीफ फसल में बाजरा की एचएचएम-67 व एचएचएम-197 किस्मों की बिजाई करनी चाहिए। जिससे कम पानी में अच्छी पैदावार होती है। ग्वार की किस्म में एचजी-563, एचजी-365 व एचजी-220 किस्मों को अपनाएं। उन्होंने किसानों को बताया कि अपने इलाके में रिजर सीडर मशीन बहुत ही उपयोगी है।
इस अवसर पर नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक राजेंद्र कुमार ने लोगों से जल संरक्षण की अपील की। ताकि किसानों को पर्याप्त मात्रा में पीने का पानी उपलब्ध होने के साथ-साथ खेतों की सिंचाई के लिए भी पर्याप्त पानी मिल सके। उन्होंने बताया कि हमें बरसात का पानी अधिक से अधिक बचाना होगा। जिले में कुछ सरकारी बिल्डिंगों में वर्षा केट पानी को एकत्र करने के प्रयास किए जा रहे हैं। अग्रणी जिला बैंक से सुभाष चंद खिच्ची ने उपस्थित लोगों को कृषि ऋण, स्वरोजगार ऋण, स्वयं सहायता समूह के लिए ऋण की योजनाओं की जानकारी दी। इस अवसर पर सूरजभान नंबरदार, राकेश कुमार, शेर सिंह, सुजान नंबरदार, शारदा, सुषमा, रामानंद, बीरेंद्र आदि थे।