शहरवासियों को अब निर्बाध पानी की आपूर्ति मिल सकेगी। बिजली गुल होने के बाद भी पानी की आपूर्ति मिलेगी। 18 लाख रुपये की लागत से दो जेनरेटर लगाए जाएंगे। देवास जल घर तथा जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग परिसर स्थित जल घर में यह जेनरेटर लगेंगे। ग्रामीण एरिया में जल आपूर्ति बढ़ाने के लिए करीब 3 करोड़ रुपये की लागत 25 बोरवेल लगाए जाएंगे। जिससे 20 गांवों को फायदा होगा। इन दोनों काम के पूरा होने से करीब 55 हजार लोगों को लाभ मिलेगा।
जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी जल आपूर्ति में सुधार करेगा। शहरवासियों को बिजली संकट होने पर अब भी पानी मिलेगा। जिले के 20 गांवों में नए बोरवेल की अनुमति मिल गई है। नए बोरवेल लगाए जाने के बाद लोगों को प्रति व्यक्ति 135लीटर प्रतिदिन के हिसाब से पानी की आपूर्ति दी जाएगी। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार अगले दो से तीन महीने में बोरवेल लगाने का काम पूरा कर लिया जाएगा। एक बोरवेल लगाने पर औसत 15 से 17 लाख रुपये का खर्च आएगा। पिछले कुछ महीने में कई गांवों में बोरवेल खराब हो गए थे। जिसके बाद गांवों में पानी की आपूर्ति बाधित हो रही थी। आसपास के अन्य बोरवेल व बूस्टिंग स्टेशन के जरिए लोगों को पानी दिया जा रहा था। अभियांत्रिकी विभाग पानी आपूर्ति न होने की शिकायतें लगातार आ रही थीं। विभाग की ओर से उच्च अधिकारियों से बोरवेल के लिए अनुमति मांगी थी। मुुख्यालय ने अप्रूवल भेज दी है। बोरवेल लगने से 20 गांवों के करीब 50 हजार लोगों को फायदा होगा। नए बोरवेल से शहरी एरिया में करीब पांच हजार लोगों को राहत मिलेगी।
इन गांवों में लगेंगे बोरवेल
गांव आदलपुर, बसई, बवाना, बेरी, भगड़ाना, देवनगर, छाजियावास, डेरोली जाट, ढाढोत, ढाणा, धोली (झांखड़ी), जांट, जासावास, जवाहर नगर, खैरोली, माजरा कलां, मालड़ा बास, निंबी, पायगा, राजावास, रिवासा में बोरवेल लगाए जाएंगे। शहरी एरिया में छाजपुरम, मोदीपुरम, मोहल्ला खटीकान में बोरवेल लगाने की मंजूरी मिली है।
18 लाख की कीमत के होंगे जेनरेटर
गांव देवास स्थित मुख्य जलघर और जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी कार्यालय के बूस्टिंग स्टेशन पर दो डीजल जेनरेटर लगाए जाएंगे। एक जेनरेटर 162 केवी क्षमता का होगा। इससे 15 मोटर एक साथ चलाई जा सकेंगी। दोनों जेनरेटर पर करीब 18 लाख रुपये का खर्च आएगा। मुख्य जलघर में जेनरेटर नहीं होने के कारण बिजली गुुल होने पर पेयजल की आपूर्ति बंद हो जाती थी। गर्मी के मौसम में अक्सर तार जल जाने के कारण बिजली बंद हो जाती थी। बारिश के मौसम में भी तारें टूटने, ट्रांसफार्मर जलने पर बिजली बंद हो जाती थी। अब जेनरेटर सैट लगने के बाद यह समस्या नहीं आएगी।
हमारे पास 25 नए बोरवेल लगाने की अनुमति आ चुकी है। शहरी एरिया में तीन और ग्रामीण एरिया में 22 बोरवेल लगाए जाएंगे। शहरी एरिया में पानी आपूर्ति सुधार के लिए दो जेनरेटर लगाए जाएंगे। जिस पर करीब 18 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
- राहुल बेरवाल, कार्यकारी अभियंता, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, महेंद्रगढ़