नारनौल। जिला परिषद में जिला प्रशासन द्वारा घोषित वार्डबंदी को लेकर शुक्रवार को वार्ड नंबर 12 से दर्जनभर गांवों के पूर्व सरपंचों, पंचों, नंबरदारों व ग्रामीणों ने एसडीएम मनोज कुमार नारनौल को एक आपत्ति वार्डबंदी 12 का ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने इस वार्ड में सीहमा खंड के गांव जाट गुवाना आदि गांवों को शामिल करने की मांग की है।
एसडीएम को ज्ञापन सौंपने पहुंचे दौगड़ा जाट के पूर्व सरपंच ओमप्रकाश शर्मा, अनिल राव, राव युद्धवीर सिंह व एडवोकेट हेमंत सीहमा ने बताया कि जिला परिषद की वार्डबंदी में एक साथ लगते तीन-तीन गांवों को हटाकर दूर के नए गांवों को शामिल किया है, जो बिल्कुल गलत है। जिसको लेकर वार्ड 12 के दर्जनभर गांवों के पूर्व सरपंचों, पंचों, नंबरदारों व ग्रामीणों ने आपत्ति जताई है। गांव मुंडियाखेड़ा के पूर्व सरपंच बनवारीलाल, मीनाक्षी, प्रीति यादव, अर्जुन सिंह, बलवान, सुनीता देवी, रविंद्र यादव व श्रीभगवान यादव ने वार्ड 12 की वार्डबंदी में गांव भालखी व खैरानी को शामिल करने की मांग की है। दौंगड़ा जाट के पूर्व सरपंच ओमप्रकाश शर्मा, खुशीराम, नम्बरदार रणधीर, पंच अमर सिंह, चौधरी होशियार सिंह ने खैरानी व खैराना व मोहम्मदपुर को शामिल करने की मांग की है। गांव दौंगड़ा अहीर की पूर्व सरपंच नीतू यादव, होशियार सिंह, अनिल राव, सुरेंद्र सिंह, मामन सिंह, देशराज ने वार्ड 12 की वार्डबंदी पर आपत्ति दर्ज करते हुए कहा कि मिर्जापुर व बाछौद को राजनीतिक साजिश के तहत शामिल किया है। वहीं सीहमा के साथ लगते गांव जाट-गुवाना, दुबलाना व गुवानी को छोड़ दिया गया है, जो कि भेदभावपूर्ण है। अटाली के पूर्व सरपंच अमर सिंह, सीहमा के पूर्व सरपंच हरनाम सिंह, विक्रम सिंह, सूबे सिंह, ओमपाल यादव, पूर्व पंच देवेंद्र सिंह, हेमंत शर्मा ने कहा कि गत पांच वर्षों में प्रत्येक वार्ड में मतदाताओं की बढ़ोतरी हुई है। ऐसे में जिला प्रशासन को जिला परिषद के वार्डों की संख्या में बढ़ोतरी करनी चाहिए थी, जबकि संख्या को घटा दिया गया है। वार्ड संख्या बढ़ाने की मांग करते हुए सीहमा के नजदीकी गांव जाट गुवाना व डेरोली जाट, भौड़ी को वार्डबंदी में शामिल करने की मांग की है। शुक्रवार को जिला प्रशासन द्वारा घोषित की गई नई जिला परिषद वार्ड सूची पर आपत्ति दर्ज करने का आखिरी दिन था। जिला परिषद वार्ड 12 सबसे अधिक गांवों के लोगों ने एसडीएम नारनौल मनोज कुमार के सम्मुख आपत्ति दर्ज करवाई गई।