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Mahendragarh-Narnaul News: पशुपालन के लिए महेंद्रगढ़ में ही ले सकेंगे व्यावसायिक प्रशिक्षण

Sat, 10 Aug 2024 11:12 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
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फोटो संख्या:52- पशु वैज्ञानिक डॉ. योगेंद्र यादव--संवाद
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महेंद्रगढ़। क्षेत्र के किसानों को अब पशुपालन के लिए व्यावसायिक प्रशिक्षण लेने के लिए कहीं दूर जाने की आवश्यकता नहीं होगी।
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इसके लिए लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय (लुवास) हिसार के विस्तार शिक्षा निदेशालय एवं रिवासा स्थित हरियाणा पशु विज्ञान केंद्र में सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। जल्द ही व्यसायिक डेयरी फार्मिंग, दूध प्रसंस्करण व मूल्य संवर्धन, पशु पालन, रखरखाव से संबंधित सात दिवसीय व्यावसायिक प्रशिक्षणों के साथ-साथ पशुपालन से संबंधित पशुपालन विस्तार शिक्षा की विभिन्न गतिविधियों और जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
गांव रिवासा केंद्र के शिक्षा संबंधी गतिविधियों के प्रभारी डाॅ. योगेंद्र सिंह यादव ने बताया की निदेशक विस्तार शिक्षा डॉ. विरेन्द्र सिंह पंवार के निर्देशन में इन कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। वैज्ञानिक ज्ञान और कौशल के बिना पशुपालक अपने पशुओं से वांछित उत्पादन और आय प्राप्त नहीं कर सकते हैं। जानकारी के आभाव में किसान एवं पशुपालकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। इस कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य पशु चिकित्सा, पशु विज्ञान, दूध प्रसंस्करण व मूल्य संवर्धन क्षेत्रों में विकसित नई तकनीकों को पशुपालकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना है। प्रशिक्षण प्राप्त किसान प्रति इकाई पशु उत्पादन में इजाफा करते हुए अपनी आमदनी बढ़ा सके।
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यह मिलेगा लाभ
यादव ने बताया कि पशुपालक प्रशिक्षण या अन्य पशुपालन संबंधित विस्तार शिक्षा सेवाओं का लाभ लेने के लिए केंद्र में संपर्क कर प्रशिक्षण के लिए अपना पंजीकरण करवा सकते हैं। प्रत्येक प्रशिक्षण में प्रशिक्षणार्थी पहले आओ पहले पाओ के आधार पर दिया जाएगा। सात दिवसीय प्रशिक्षण के लिए केंद्र की ओर से 500 रुपये शुल्क रखा गया है। प्रशिक्षण के बाद प्रशिक्षण प्रमाण पत्र भी दिया जाएगा। प्रशिक्षणों में पशुपालन, डेयरी व अन्य व्यवसाय से जुड़ी सभी प्रकार की जानकारी जैसे व्यवसाय की शुरुआत, बैंकों से ऋण लेने की प्रक्रिया, पशुओं का रखरखाव, प्रजनन, बीमारियों से बचाव, टीकाकरण, पोषण से संबंधित बारीकियां सिखाई जाएंगी। साथ ही दूध प्रसंस्करण व मूल्य संवर्धन संबंधी प्रशिक्षण पर भी विशेष बल दिया जाएगा। प्रशिक्षण कार्यक्रमों का प्रमुख उद्देश्य विश्वविद्यालय द्वारा शोध की गई नवीनतम जानकारी तथा भारत व हरियाणा सरकार द्वारा पशुपालन से संबंधित योजनाओं की जानकारी भी दी जाएगी। साथ ही पशुपालकों व किसानों को स्वरोजगार स्थापित करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
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