नारनौल। महर्षि च्यवन मेडिकल काॅलेज के मुख्य गेट पर रविवार रात लगाए गए साइन बोर्ड को गांव कोरियावास के लोगों ने सोमवार सुबह उखाड़ दिया। उनकी मांग है कि मेडिकल कॉलेज का नाम शहीद राव तुलाराम के नाम पर रखा जाए। बोर्ड उखाड़े जाने की सूचना के बाद वहां पुलिस तैनात की गई है। ग्रामीण भी धरने पर बैठ गए हैं। स्थिति तनावपूर्ण है।
यह मेडिकल कॉलेज गांव कोरियावास की जमीन पर ही बना है। सरकार ने एक मई से ही यहां ओपीडी शुरू कराई है। इसके पहले कॉलेज कैंपस में महर्षि च्यवन ऋषि के नाम का बोर्ड लगाया गया था। ओपीडी स्लिप भी महर्षि का ही नाम लिखा है।
रविवार रात को मुख्य गेट पर महर्षि च्यवन के नाम का साइन बोर्ड मेडिकल काॅलेज प्रशासन ने लगवा दिया। सुबह जब ग्रामीणों ने बोर्ड देखा। कुछ ही देर में सरपंच प्रतिनिधि नोनिहाल सिंह के साथ आए ग्रामीणों ने बाेर्ड को सीढ़ी लगाकर तोड़ दिया।
साइन बोर्ड को उखाड़ने की सूचना मिलने पर सदर थाना पुलिस पहुंची। प्रशासन ने किसी बड़े आंदोलन को रोकने व मेडिकल काॅलेज के अंदर ग्रामीणों को प्रवेश देने से रोकने के लिए काफी संख्या में पुलिस तैनात की है।
कोरियावास गांव के सरपंच प्रतिनिधि नोनिहाल सिंह ने कहा कि हम अमर शहीद राव तुलाराम के नाम पर मेडिकल काॅलेज चाहते हैं। इसे किसी भी कीमत पर दूसरे का नाम नहीं देने देंगे। उन्होंने सरकार से मांग पूरी करने की गुजारिश की।
पुलिस की तैनाती के बाद ग्रामीणों ने धरना शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि उनका धरना तब तक चलेगा, जब तक कि काॅलेज का नाम राव तुलाराम के नाम पर नहीं हो जाएगा। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी रहे राव तुलाराम, केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह के दादा और प्रदेश की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह के परदादा हैं।
वहीं, एएसआई अजीत का कहना है कि बोर्ड किसने फाड़ा अभी इसका पता नहीं चला है। शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। यहां की प्रॉपर्टी को कोई नुकसान न हो, इसके लिए पुलिस तैनात है।
गौड़ ब्राह्मण सभा प्रधान ने की निंदा
गौड़ सभा के प्रधान एडवोकेट राकेश मेहता ने मेडिकल कॉलेज का बोर्ड हटाने की निंदा की है। कहा, ऐसा करने वालों पर सरकार कड़ी कानूनी कार्रवाई करे। कहा, चिकित्सा जगत में महर्षि च्यवन, महर्षि चरक, महर्षि सुश्रुत का नाम दुनियाभर में है। चिकित्सा जगत के मूलभूत सिद्धांत इनके दिए हैं। इनके नाम का विरोध गलत है। उन्होंने इस घटना को सनातन धर्म पर हमला तक करार दे दिया।