महेंद्रगढ़/कनीना। उप मंडल कनीना के गांव भफड़ स्थित राजकीय उच्च विद्यालय में शिक्षकों का स्थानांतरण होने के बाद सिर्फ 4 अध्यापक रह गए हैं। अध्यापकों की कमी से पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इसको लेकर विद्यार्थियों और ग्रामीणों ने मंगलवार को नारेबाजी की।
ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल में सभी विषयों के अध्यापक नहीं हैं जिसके कारण पढ़ाई नहीं हो पा रही है। हाई स्कूल में टीजीटी की सभी पोस्ट खत्म कर दी गई है। अभी स्कूल में संस्कृत, ड्राइंग, गणित के अध्यापक के अलावा बाकी सभी पोस्ट खाली हो गई है। जबकि पीटीआई, हेड मास्टर, और सोशल साइंस की पोस्ट पहले से ही खाली है। एसएमसी कमेटी प्रधान साधु राम व ग्रामीणों ने बताया कि कक्षा 6 से 10 तक गांव के 75 बच्चे इस स्कूल में पढ़ रहे हैं। स्कूल में 6 से 10 अध्यापकों की आवश्यकता है ताकि सभी विषय कवर हो सकें। लेकिन तबादले होने के बाद अब केवल 4 अध्यापक रह गए हैं। कुछ छात्रों ने कहा कि उनके परिवारों की आमदनी इतनी नहीं है कि वो उन्हें महंगे स्कूलों में पढ़ा सकें। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार वैसे तो प्रदेश में बेहतर शिक्षा देने के दावे करती है लेकिन स्कूलों में अध्यापकों की कमी से बच्चे कैसे पढ़ेंगे। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री से अपील करते हुए कहा कि गांव के स्कूल में पर्याप्त मात्रा में अध्यापकों की नियुक्ति की जाए ताकि स्कूल बंद होने से बच सकें। इस दौरान समाजसेवी सचिन रंगा, एसएमसी कमेटी प्रधान साधु राम, पूर्व प्रधान कृष्ण कुमार, सतीश रंगा, मानसिंह, साधु राम, राकेश, सोनू, सिंह राम, कृष्ण कुमार, रामनिवास, अभय सिंह, यतेंद्र रंगा, अशोक, भान सिंह,प्रदीप कुमार, वीरेंद्र कुमार, होशियार सिंह, प्रताप, निर्मला देवी, सरोज, पिंकी देवी, पूनम, निहाली देवी कुसुम लता, मीना, मीनाक्षी, नीलम, केला सहित तकरीबन तीन दर्जन ग्रामीणों ने विरोध जताया।