नांगल चौधरी के गांव दोखेरा में पब्लिक हियरिंग के दौरान ग्रामीणों को संबोधित करती उपायुक्त मोन
नांगल चौधरी। गांव दोखेरा में प्रदूषण विभाग द्वारा 4.80 हेक्टेयर पंचायत भूमि पर चल रही दो माइंस के लिए जनसुनवाई कार्यक्रम किया गया। इस अवसर पर डीसी मोनिका गुप्ता की अगुवाई में जिले की पुलिस बल व अन्य विभागों के संबंधित अधिकारी भी दोखेरा गांव में मौजूद रहे। जनसुनवाई के दौरान ग्रामीणों ने नाराजगी जाहिर की।
दोखेरा में पहले ही एक खनन कंपनी काम कर रही है। इसको लेकर बुधवार को ग्रामीणों ने खनन कंपनी को तुरंत प्रभाव से बंद करने की मांग की। उन्होंने कहा कि इस कंपनी ने गांव की पंचायत भूमि में खनन विभाग से मिलकर कई एकड़ में अवैध खनन कर दिया। वहीं विरोध करने वालों पर केस दर्ज करवा रहे हैं। नांगल चौधरी पंचायत अधिकारी ने खनन कंपनी के खिलाफ थाने में शिकायत भी दे रखी है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है, बल्कि गांव के युवाओं के खिलाफ ही उल्टा मुकदमा दर्ज करवा देते हैं। ग्रामीणों के साथ जिला पार्षद श्याम चंदेला ने विरोध जाहिर करते हुए जिला प्रशासन से गुहार लगाई कि प्रशासन को खनन कंपनी को इजाजत नहीं देनी चाहिए। पार्षद श्याम चंदेला ने कहा कि अवैध खनन को लेकर हाईकोर्ट में केस किया हुआ है, जब तक खनन की इजाजत न दी जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि खनन कंपनी ने इस गांव से करीब 5 सौ करोड़ का अवैध खनन चोरी कर लिया है। पहले उसकी भरपाई होनी चाहिए, उसके बाद जन सुनवाई की जाए। कांग्रेस के पूर्व प्रत्याशी राजाराम गोलवा ने भी विरोध जताते हुए कहा कि जिला प्रशासन इस माइंस को किसी भी हालत में इजाजत न दें, क्योंकि इनकी हेवी ब्लास्ट से पूरे गांव के घरों में दरार आ चुकी है। जहां गांव की आस्था का केंद्र मंदिर तक गिरने की कगार पर है। वही गरीब तबके के लोगो का जीना दूभर हो गया है। उन्होंने प्रशासन से गुहार लगाते हुए कहा कि कंपनी को इजाजत देने से अच्छा गांव के चारों तरफ ब्लास्ट करवा दो ताकि गांव ही खत्म हो जाए। डीसी मोनिका गुप्ता ने ग्रामीणों को इस पर गहनता से विचार करने का आश्वासन दिया।