कनीना। गांव कोटिया में गंदे पानी के जोहड़ की निकासी की समुचित व्यवस्था न होने और जोहड़ की सफाई के नाम पर कथित अनियमितताओं को लेकर ग्रामीणों का धैर्य सोमवार को जवाब दे गया है। ग्रामीणों ने सोमवार से धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया और 70 ग्रामीण से अधिक ग्रामीण धरने पर बैठ गए है।
पृथ्वी, दयाराम, मुस्कान ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में गंदे पानी की निकासी सीधे जोहड़ में की जा रही है, जिससे जोहड़ पूरी तरह गंदे पानी से भर चुका है। ग्रामीणों के अनुसार अब तक यहां तीन लोगों की डूबने से मौत हो चुकी है लेकिन इसके बावजूद न तो जोहड़ के चारों ओर सुरक्षा के इंतजाम किए गए।
ग्रामीण पृथ्वीराज, दयाराम, बुधराम, ग्यारसी देवी, किताबों, शर्मिला, मुस्कान, पूनम, सुमन, सारली, चमेली, प्रमिला, बबली, बाला और लक्ष्मी ने बताया कि वे लंबे समय से इस समस्या से जूझ रहे हैं। 10 मार्च 2025 को भी ग्रामीणों ने करीब दो घंटे तक धरना दिया था जिस दौरान एसईपीओ कृष्णलाल ने दस दिनों में नाले के निर्माण का आश्वासन दिया था लेकिन एक वर्ष बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
ग्रामीणों ने प्रशासन और पंचायत पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है जिससे उनका जनजीवन प्रभावित हो रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
-वर्जन:
जोहड़ के पानी की निकासी के लिए टेंडर किया गया था, लेकिन पंचायत समिति के पास फंड की कमी के कारण कार्य पूरा नहीं हो सका। अब प्रक्रिया दोबारा शुरू की जा रही है। करीब एक माह में नाला बनाकर पानी की निकासी करवाई जाएगी।
- धर्मवीर सिंह, सरपंच, गांव कोटिया