महेंद्रगढ़। नगर पालिका में विकास कार्यों को लेकर तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। पालिका प्रधान रमेश सैनी ने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए जिला नगर आयुक्त (डीएमसी) को पत्र भेजा है। आरोप है कि दो महीनों में विकास कार्यों में अनियमितताओं को लेकर कई बार पत्राचार किया गया लेकिन अब तक कोई स्पष्ट और संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
इससे पहले भी प्रधान ने अधिकारियों के रवैये से नाराज होकर इस्तीफे की चेतावनी दी थी और 21 अप्रैल को शहरवासियों के साथ धरना-प्रदर्शन की बात कही थी। हालांकि, महेंद्रगढ़ के विधायक और एसडीएम के आश्वासन के बाद उस प्रदर्शन को स्थगित कर दिया गया था।
अब प्रधान ने अपने ताजा पत्र की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, शहरी निकाय मंत्री, निदेशक शहरी निकाय विभाग, उपायुक्त सहित कई अधिकारियों को भेजी है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति अधिकारियों की लापरवाही को दर्शाती है और प्रधान पद की गरिमा के साथ-साथ उसके वैधानिक अधिकारों की अनदेखी हो रही है। उन्होंने जवाब न मिलने पर दूसरी बार इस्तीफे की चेतावनी दी है।
रमेश सैनी का आरोप है कि कुछ अधिकारी उनके निर्देशों की अनदेखी कर केवल उच्च अधिकारियों के आदेशों का पालन कर रहे हैं जिससे स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भूमिका कमजोर पड़ रही है और जनता के प्रति जवाबदेही भी प्रभावित हो रही है।
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प्रधान बोले-प्रशासन की छवि हो रही है खराब
पत्र में प्रधान रमेश सैनी ने हरियाणा सरकार का ध्यान भी इस गंभीर विषय की ओर आकर्षित करते हुए कहा कि जब जनता के चुने हुए जनप्रतिनिधि की बात ही नहीं सुनी जाती और कार्य केवल अधिकारी स्तर पर ही संचालित किए जाते हैं, तो ऐसी व्यवस्था में निर्वाचन प्रक्रिया पर भी गंभीर प्रश्न खड़े होते हैं। उन्होंने कहा कि इस रवैए के कारण आमजन के बीच शासन-प्रशासन की छवि लगातार धूमिल हो रही है।
तीन दिन के अंदर जवाब दिलाने की मांग
प्रधान ने पत्र में आग्रह किया है कि उनके द्वारा जारी सभी पत्रों के संबंध में संबंधित अधिकारियों से तीन दिन के भीतर स्पष्ट, लिखित और तथ्यात्मक जवाब दिलवाया जाए व आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समयावधि में संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो वे हरियाणा सरकार को अपने पद से इस्तीफे की औपचारिक पेशकश भेजने के लिए बाध्य होंगे।