नारनौल। बारिश के मौसम में बागवानी फसलों को कीट पतंगे नुकसान पहुंचाते हैं। इससे बचाव के लिए किसानों को ट्रैप का उपयोग करना चाहिए। यह सुझाव बागवानी अधिकारी डाॅ. प्रेम यादव ने किसानों को दिया है।
उन्होंने बताया कि अलग-अलग फसलों के लिए अलग-अलग फीरोमैन ट्रैप का उपयोग किया जाता है। एक किसान के लिए अनुदान की अधिकतम सीमा 10 एकड़ है। ट्रैप का उपयोग करने से हानिकारक कीट पतंगों से फसल का बचाव हो जाता है व फसल की गुणवत्ता अच्छी होती है। उन्होंने बताया कि बागवानी फसलों में ज्यादा समय तक जल भराव न रहने दें व जल निकासी का उचित प्रबंध करें अन्यथा सब्जियों के साथ-साथ फलदार पौधों में भी जड़गलन की शिकायत आ सकती है।
उन्होंने बताया कि किसान हानिकारक कीट को पहचान कर ही ट्रैप का चुनाव करें। किसान अधिक जानकारी के लिए कृषि विज्ञान केंद्र व उद्यान विकास अधिकारी कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। किसान आवेदन के माध्यम से स्वीकृति लेने के बाद किसी भी फर्म द्वारा ट्रैप विभागीय दिशा निर्देशानुसार खरीद कर बिल विभाग में जमा करवा सकते हैं। किसान सर्वप्रथम मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकरण करवा कर बागवानी विभाग की साईट hortnet.gov.in पर आवेदन करें व दस्तावेज अपलोड करें।
दस्तावेज अपलोड करने के बाद ही किसान का आवेदन मान्य होगा। अनुदान पहले आओ पहले पाओ के आधार पर किसानों को प्रदान किया जाता है। आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज में मेरी फसल मेरा ब्योरा,पासपोर्ट साईज एक फोटो,फैमिली आईडी,आधार कार्ड,पैन कार्ड,जमाबंदी, फर्द, पटवारी रिपोर्ट,बैंक पासबुक और ट्रैप का ओरिजनल बिल शामिल है।