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Mahendragarh-Narnaul News: चितलांग में 10 एकड़ में दो जलघर बनेंगे

Thu, 29 Aug 2024 02:00 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
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फोटो संख्या:57- जनस्वास्थ्य अ​भियांत्रिकी विभाग महेंद्रगढ़--संवाद
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महेंद्रगढ़। जनस्वास्थ्य विभाग ने अटल मिशन जल परियोजना के तहत गांव चितलांग की 10 एकड़ पंचायती भूमि पर दो जलघर बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए 14 करोड़ रुपये का टेंडर लगा दिया गया है। इसके अलावा आठ करोड़ से अन्य कार्य कराए जाएंगे। आचार संहिता समाप्त होने पर कार्य शुरू किया जाएगा।
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इस परियोजना के तहत विभाग ने चितलांग और देवास गांव सीमा पर दो टैंक की योजना बनाई है। वहीं हुड्डा पार्क में बूस्टिंग स्टेशन, राजकीय महाविद्यालय के पास क्लीयर वाटर टैंक और मशीन लगाने, लघु सचिवालय में स्टोरेज वाटर टैंक, देवास जलघर में नई मशीन, जलघर की चहारदीवारी बनाने तथा शहर में पाइपलाइन को ठीक करवाने का कार्य शामिल है।
अटल मिशन जल परियोजना के तहत इस योजना की प्रशासनिक स्वीकृति मिलते ही परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए तैयारी कर ली गई थी। विभाग की ओर से वर्ष 2026 तक कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। टेंडर लगने के 21 दिन बाद एजेंसी मिलते ही दिसंबर-जनवरी माह में कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
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इंसेट
- तीन दशक तक नहीं होगी शहर में पेजयल के लिए परेशानी
अटल मिशन के तहत गांव चितलांग में लगभग 10 एकड़ अतिरिक्त भूमि पर दो नए टैंक बनाए जाएंगे। साथ ही मौजूदा देवास जलघर के फिल्टर सिस्टम को भी दुरुस्त करके क्षमता भी बढ़ाई जाएगी। शहर में हुड्डा पार्क में बूस्टिंग स्टेशन बनाकर कुराहवटा मार्ग, रिवासा फ्लाइओवर मार्ग, शास्त्री कॉलोनी, देवीलाल कॉलोनी सहित इसके आने वाली कॉलोनियाें में सप्लाई की जाएगी। राजकीय महाविद्यालय के नजदीक बूस्टिंग स्टेशन का स्टोरेज बढ़ाया जाएगा ताकि शिव कॉलोनी, कैंची मोड तक पानी सप्लाई की जाए। लघु सचिवालय में बूस्टिंग स्टेशन का स्टोरेज बढ़ाया जाएगा। इससे आसपास के दुकानों व काॅलोनियों का पेयजल पहुंचाया जाएगा। इसके अतिरिक्त जिन बूस्टिंग स्टेशनों की चहारदीवारी छोटी है या नहीं है उनकी ठीक करवाया जाएगा। देवास जलघर में स्टोरेज के साथ नई मशीनें लगाई जाएगी।

- 20 हजार की आबादी के हिसाब से बनी थी देवास परियोजना

तीन दशक पहले शहर की करीब 20 हजार की आबादी के लिए गांव देवास स्थित परियोजना बनाई गई थी। इसमें चार वाटर टैंक बनाकर चार किलोमीटर भूमिगत पाइप लाइन दबाकर शहर में बने बूस्टिंग स्टेशन से पेयजल आपूर्ति की जाती है। तीन दशक में आबादी 50 हजार तक पहुंच गई है। इसके कारण शहर में हर वर्ष पेयजल की समस्या बढ़ने लगी है।

- यह होगी परियोजना:

वर्तमान समय में गांव देवास में करीब दस एकड़ भूमि पर बने नहरी पानी आधारित चार जलघरों से शहर में पेयजल आपूर्ति होती है। इसकी क्षमता महज 85 लाख लीटर होने के कारण शहर की आबादी के लिए 14 दिन का पानी स्टोर हो सकता है। क्योंकि शहर की करीब 50 हजार की आबादी को प्रतिदिन प्रति व्यक्ति 155 लीटर के हिसाब से कुल 6.45 लाख लीटर पानी की जरूरत होती है। नहरी पानी के अभाव में सप्ताह के बाद पानी की राशनिंग शुरू कर दी जाती है। विभाग ने यह परियोजना वर्ष 2047 तक की आबादी को ध्यान में रखते हुए तैयार किया है। गांव चितलांग की 10 एकड़ पंचायती भूमि पर दो 12 करोड़ लीटर के बड़े वाटर टैंक बनाकर शहर में नए बनने वाले चार बूस्टिंग स्टेशनों पर भूमिगत पाइप लाइन के माध्यम से आपूर्ति होगी।

- वर्जन:
अटल मिशन जल योजना के तहत जलघर के कार्य के लिए 14 करोड़ रुपये के टेंडर लगाए गए हैं। एजेंसी मिलते ही जल्द कार्य शुरू करवा दिया जाएगा। दो वर्ष तक कार्य पूरा करवाने का लक्ष्य रखा गया है। इस योजना में चितलांग में दो वाटर स्टोरेज टैंक, हुड्डा पार्क में बूस्टिंग स्टेशन, राजकीय महाविद्यालय के पास बूस्टिंग स्टेशन पर स्टोरेज टैंक सहित अन्य कार्य शामिल हैं।- दीपचंद, कनिष्ठ अभियंता, जनस्वास्थ्य विभाग महेंद्रगढ़
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