आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज में प्रतिनिधिमंडल के साथ स्टाफ सदस्य।
नारनौल। पटीकरा स्थित बाबा खेतानाथ आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज की धमक देश में ही नहीं विदेशों में भी बढ़ रही है। यही वजह है कि विदेशों से भी लोग आकर यहां आयुर्वेद, पंचकर्म का ज्ञान ले रहे हैं। हंगरी से दो सदस्यों के दल ने आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज पहुंचकर आयुर्वेदिक उपचार, पंचकर्म थैरेपी और हर्बल उपचार की जानकारी ली।
हंगरी से वेलनेस कंसल्टेंट कसोरबा मेलिंडा और चिकित्सा क्षेत्र की छात्रा बोगर फैनयका पटीकरा आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज पहुंची। यहां पर 15 दिन तक रहकर उन्होंने आयुर्वेदिक की विभिन्न पद्धतियों की जानकारी ली। आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल एवं चिकित्सा अधीक्षक प्रोफेसर डॉ. श्रीनिवास गुज्जरवार ने उनका सम्मान किया। 15 दिनों तक आयुर्वेदिक मेडिकल के चिकित्सकों से टीम के सदस्यों ने जानकारी हासिल की।
अप्रैल में फ्रांसीसी महिला ने कराया था ब्रेन ट्यूमर का इलाज
इसी साल अप्रैल माह में फ्रांसीसी महिला रोसरसेल गैललियो ने भी आयुर्वेदिक मेडिकल काॅलेज पहुंचकर अपने ब्रेन ट्यूमर का इलाज कराया था। आयुर्वेदिक पद्धति से हुए इलाज से उनको काफी फायदा हुआ। उन्होंने 25 दिन तक पंचकर्म थैरेपी ली थी। उस आंखों से दिखना कम हो गया था। यहां इलाज कराने के बाद उसे काफी लाभ मिला।
कई देशों से दौरे के लिए आ रहे पत्र
आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज प्रशासन के पास कई देशों से दौरे के लिए पत्र आ रहे हैं। कॉलेज के प्रिंसिपल एवं चिकित्सा अधीक्षक से आयुर्वेद में रुचि रखने वाले संपर्क कर चुके हैं।
आयुर्वेद का दायरा बढ़ा है और लोगों में इसके प्रति रुझान धीरे-धीरे बढ़ रहा है। विदेश से भी लोग आयुर्वेदिक उपचार के लिए यहां आ रहे हैं। इस आयुवेदिक मेडिकल कॉलेज की पहचान दूर-दूर तक हो रही है और लोगों का चिकित्सा पद्धति का लाभ मिल रहा है।
-डॉ. श्रीनिवास गुज्जरवार, प्रिंसिपल एवं चिकित्सा अधीक्षक, बाबा खेतानाथ आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज, पटीकरा