दिल्ली में तैनात आरपीएसएफ के दो कर्मी कोरोना पॉजिटिव निकले हैं। उनका नारनौल जिले में आकर रुकना जिले के लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गया। हुआ यूं कि दोनों कर्मियों के साथ एक अन्य ने भी दिल्ली के एक निजी लैब में जांच कराई थी। जिसकी रिपोर्ट वीरवार को आई है। सूचना मिलने पर जीएच ने तीन कर्मियों समेत पांच लोगों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे हैं। पांचों को जीएच में आइसोलेट किया गया है। इधर, प्रशासन ने हुडा सेक्टर के हाउसिंग बोर्ड को सैनिटाइज करने के बाद सील कर दिया है।
जानकारी के अनुुसार आरपीएसएफ के तीन कर्मियों को अपने-अपने घर जाना था। इसके लिए उन्होंने तीन दिन पहले दिल्ली की एक निजी लैब में कोरोना वायरस की जांच कराई थी। इसके बाद तीनों प्राइवेट वाहन से नारनौल पांच अप्रैल को पहुंचे। इसमें एक वुहाना राजस्थान, एक चरखी दादरी और पास के गांव का नारनौल निवासी है। तीनों हुडा सेक्टर के हाउसिंग बोर्ड के एक फ्लैट में रुके थे। यह फ्लैट राजस्थान निवासी कर्मी के एक रिश्तेदार का है। तीनों घर जाने से पहले रिपोर्ट का इंतजार कर रहे थे। जानकारी के अनुसार वीरवार को उन्हें रिपोर्ट मिली। जिसमें दो की रिपोर्ट पॉजिटिव थी। इसके बाद तीनों दोपहर में जीएच में सैंपल देने पहुंचे। जहां पर तीनों कर्मियों, एक युवक व एक कर्मी के ससुर का सैंपल लिया गया। इसके बाद पांचों का आइसोलेशन वार्ड में भर्ती करा दिया गया है।
हाउसिंग बोर्ड हुआ सील-
दो कर्मियों के कोरोना के पॉजिटिव होने की सूचना से जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसी जगदीश शर्मा, एसपी सुलोचना गजराज, सीएमओ डॉ. अशोक कुमार, एसडीएम मनीष फोगाट और नप की टीम मौके पर पहुंची। दमकल की गाड़ी की मदद से हाउसिंग बोर्ड को सैनिटाइज किया गया। तीनों जिस कमरे में ठहरे हुए थे, उसमें दवा का छिड़काव किया गया। इसके बाद हाउसिंग बोर्ड के प्रमुख रास्तों को सील कर दिया गया था और पुलिस बल तैनात कर दिया गया।
60 लोगों के संपर्क में आए, कड़ियों की तलाश जारी-
सूत्रों के अनुसार तीनों जवान तीन दिन के अंदर 60 लोगों के संपर्क में आए हैं। इसमें एक जवान का ससुर और कार युवक भी है। इसके अलावा इनसे अन्य लोग भी मिले हैं। अब स्वास्थ्य विभाग की टीम इनके संपर्क में आए लोगों के बारे में जानकारी लेकर उनकी जांच करने और क्वारंटीन करने में जुट गई है।
पॉजिटिव होने की रिपोर्ट छिपाई
तीनों कर्मी बुधवार को जांच के लिए जीएच में पहुंचे थे। जीएच में कोविड-19 की सैंपलिंग हो गई थी। इसलिए उन्हें वीरवार को बुलाया गया। इसी बीच उनके एक रिश्तेदार ने उनकी जांच न करने की बात सोशल मीडिया में फैला दी। इस पर जीएच प्रबंधन हरकत में आया और तीनों से पूरे मामले की जानकारी ली तो पता चला कि उनकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। तीनों एक निजी लैब से जांच कराई है। इसके बाद विभाग कार्रवाई में जुटा। सूत्रों के अनुसार जवानों को निजी लैब पर भरोसा नहीं था। ऐसे में जीएच में बिना कोरोना के मरीज बताए जांच कराने की फिराक में थे।
दर्ज हो सकती है मामला
जानकारी के अनुसार तीनों जवान दिल्ली से अपनी कार में घर आए। इसके बाद तीनों खुद को क्वारंटीन के लिए अपने एक रिश्तेदार के फ्लैट में रुके। रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर उनके होश उड़ गए और क्रास चेक कराने के लिए जीएच आए। सूत्रों का कहना है कि जवानों ने जांच कराया था तो उन्हें रिपोर्ट आने का इंतजार करना चाहिए था। जब नारनौल में पता चला तो इसके बारे में स्वास्थ्य विभाग को बताना चाहिए था। दूसरा लॉकडाउन में एक-दूसरे राज्यों में आने-जाने पर रोक है। ऐसे में जवानों ने सरकारी निर्देशों की अवहेलना की। ऐसे में इन पर केस भी दर्ज हो सकता है।
कोविड-19 के लिए 91 लोगों का लिया सैंपल
नारनौल। मोबाइल एंबुलेंस टीम ने वीरवार को सतनाली में 26 लोगों की रैपिड जांच की जांच की गई। सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई है। दूसरी ओर जीएच समेत अन्य सेंटरों पर कोविड-19 के 91 सैंपल लिए गए हैं। अब तक 1668 की सैंपलिंग हुई है। कोविड-19 के प्रभारी डॉ. सुरेंद्र कुमार ने बताया कि वीरवार को सतनाली में पुलिस जवानों व कर्मचारियों समेत 26 का रैपिड टेस्ट हुआ। सभी की रिपोर्ट निगेटिव है। 10 कोविड-19 के लिए सैंपल लिए गए हैं। इसे जांच के लिए भेजा जाएगा। डॉ. सुरेंद्र ने बताया कि कोविड-19 के संदिग्धों की जांच के लिए जिला नागरिक अस्पताल समेत अन्य स्वास्थ्य केंद्रों से 91 लोगों के सैंपल लिए गए हैं। नारनौल जीएच से 21, नांगल चौधरी में छह, अटेली में आठ, महेंद्रगढ़ में 31,कनीना में 15 व सतनाली में दस लोगों का सैंपल लिया गया।
न्यू हाउसिंग बोर्ड बना कंटेनमेंट जोन
नारनौल। प्रशासन द्वारा जारी हेल्थ बुलेटिन में सीएमओ डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि सात मई को फ्लू कार्नर में आरपीएसएफ के तीन कर्मी जांच के लिए आये थे। ये तीनों जवान दिल्ली में तैनात थे, जो पांच मई को नारनौल पहुंचे थे। तीनों न्यू हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी हुडा सेक्टर एक में रुके हुए थे। तीनों ने बताया कि दिल्ली से चलने से पहले करोल बाग स्थित एक निजी अस्पताल में अपनी जांच करवाई थी। जिसमें दो कोरोना पॉजिटिव आए हैं। उनके संपर्क में आए दो लोगों को नागरिक अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया है। सभी का दोबारा से सैंपल लेकर पीजीआई रोहतक भेजा गया है। जिला प्रशासन ने न्यू हाउसिंग बोर्ड कालोनी को कंटेनमेंट जोन बनाकर लोगों की मेडिकल जांच करने का काम शुरू कर दिया है।
महेंद्रगढ़ भी नहीं रहा अछूता, दो केस पॉजिटिव
कोरोना महामारी के चलते अभी तक महेंद्रगढ़ जिला ग्रीन जोन है। लेकिन, ग्रीन जोन महेंद्रगढ़ में दो पॉजिटिव मरीज मिले हैं। अचानक दिल्ली से दो कोरोना पॉजिटिव मरीज आने से अब प्रदेश की कोरोना हेल्थ तालिका में महेंद्रगढ़ जिले का नाम भी जुड़ गया है। ग्रीन जोन से दो दिनों से बाजार भी खुल गये थे। ऐसे में अगर मामला गंभीर हुआ तो प्रशासन को कड़े फैसले लेने पड़ेंगे। प्रशासन के कड़े फैसले के बाद एक बार फिर बाजार बंद होने की संभावना है। दो मरीजों के आने से लोगों में पूरे दिन चर्चा का विषय रहा।