फोटो संख्या:65- एयरफोर्स मे चयनित गांव लावण की बेटियां परिवार के साथ-- स्रोत- परिजन
महेंद्रगढ़। भारत-पाकिस्तान में चल रहे तनावपूर्ण माहौल के बीच देश की दो बेटियां कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह इन दिनों दुनियां में छाईं हैं। कमोवेश ऐसी ही दो बेटियां महेंद्रगढ़ की भी हैं। गांव लावन की दो सगी बहनें गुजरात और बंगलूरू एयरबेस पर बतौर एयरमैन अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए देश की रक्षा में जुटी हैं। दोनों बेटियों पर किसान पिता और गृहणी माता के साथ ग्रामीण भी गर्व कर रहे हैं।
सैनिकों की धरती के रूप में पहचाने जाने वाले महेंद्रगढ़ जिले ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि यहां की मिट्टी में देशभक्ति रग-रग में है। शौर्य की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए जिले के गांव लावन की दो सगी बहनें साइना और निशा ने भारतीय वायुसेना तैनात रहकर देश की रक्षा कर रही हैं। गांव लावन निवासी किसान पिता कर्मवीर व गृहणी माता सुनीता को दोनों बेटियों पर गर्व है।
उन्होंने बताया कि दोनों बेटियों से दो दिन पहले बात हुई थी। उन्होंने बताया था कि उनकी चिंता न करें वह हर समय अलर्ट पर हैं। पिता कर्मवीर ने दोनों बेटियों के हौसले बढ़ाते हुए देश की रक्षा में पूरी ताकत झोंकने को कहा। कर्मवीर ने बताया कि 21 वर्षीय बड़ी बेटी साइना भारतीय वायुसेना में जून 2023 में भर्ती हुई थी। वर्तमान में बंगलूरू के येलहंका एयरफोर्स स्टेशन पर बतौर एयरमैन तैनात हैं। 20 वर्षीय निशा ने जून 2024 में देश की सेवा के लिए वायुसेना की वर्दी पहनी। इस समय गुजरात के जामनगर एयरफोर्स बेस पर सेवा दे रही है।
कर्मवीर ने बताया कि दोनों बेटियों में बचपन से ही देशभक्ति की भावना थी। दोनों हमेशा सेना की वर्दी पहनना चाहती थीं। पढ़ाई के साथ-साथ वे फिजिकल ट्रेनिंग और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुटी रहीं।
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- मां होने के नाते चिंता पर बेटियों से हौसले पर गर्व
माता सुनीता ने कहा मां होने के नाते चिंता तो होती है, पर बेटियों का हौसला देख कर गर्व भी होता है। जब भी बात होती है, हम उन्हें समझाते हैं कि हर परिस्थिति में डटकर मुकाबला करो। देश सबसे पहले है, उधर बेटियों के हौसलों से गर्व होता है। छोटा भाई हर्ष भी सेना में जाना चाहता है। अभी 12वीं कक्षा में पढ़ रहा है। सेना में भर्ती की तैयारी कर रहा है।