महेंद्रगढ़। श्री सुरभि गो महायज्ञ व गो भागवत कथा के छठे दिन बुधवार को तुलसी, शालिग्राम व रुक्मिणी श्रीकृष्ण विवाह प्रसंग पर वृंदावन धाम से पधारे संगीतकारों ने मंगल गीत गाए। इस पर श्रद्धालु झूम उठे और हर जगह जयकारों की गूंज रही।
मातृभूमि सेवा संघ की ओर से डुलाना रोड स्थित श्री गोपाल गोशाला बुचियावाली में 16 जनवरी से वृंदावन धाम भगवताचार्य विदुषी बेला पारीक कथा का गुणगान कर रही हैं। कथा में दैत्यराज जालंधर के साथ भगवान विष्णु के युद्ध के बारे में बताया।
इसमें बताया कि कई दिनों तक चले संघर्ष के बावजूद भी जालंधर परास्त नहीं हुए। अंत में देवताओं को मालूम हुआ कि दैत्य राज जालंधर की रूपवती पत्नी वृंदा का तप बल ही जालंधर की मृत्यु में अवरोधक बना हुआ है।
इस पर विष्णु भगवान ने वृंदा की तपस्या भंग की और जालंधर युद्ध में मारा गया व देवताओं की विजय हो गई। जब वृंदा को भगवान विष्णु के छल का ज्ञान प्राप्त हुआ तो उसने श्राप दिया और वह पत्थर के बन गए।
आगे चलकर वृंदा तुलसी रूप में पृथ्वी पर उत्पन्न हुई व भगवान विष्णु पत्थर के शालिग्राम बने। तुलसी का भगवान श्री हरि विष्णु शालिग्राम स्वरूप के साथ प्रतीकात्मक विवाह करके श्रद्धालु उन्हें बैकुंठ को विदा करते हैं।
चिकित्सा शिविर का किया जा रहा आयोजन
भारत विकास परिषद शाखा महेंद्रगढ़ की ओर से तीन दिवसीय प्राकृतिक चिकित्सा शिविर लगाया जा रहा है। इसमें डॉ. भंवर सिंह कसाना अपनी टीम के साथ निशुल्क सेवाएं दे रहे हैं। यह शिविर 23 जनवरी तक चलेगा। बुधवार को शिविर में 74 लोगों का इलाज किया गया। इस अवसर पर जिला संघ चालक कैप्टन हंसराज, गोशाला प्रधान नवीन राव, प्रधान प्रवीण दीवान, प्रवक्ता अमरसिंह सोनी, कैलाश पाली, सैनी सभा प्रधान सुरेश सैनी, उपप्रधान महादेव प्रसाद आदि मौजूद रहे।
फोटो संख्या:74- श्री गोपाल गोशाला बुचियावाली में कथा सुनाती भगवताचार्या विदुषी बेला पारीक--संवा