लगातार तीन दिन से क्षेत्र में जबरदस्त ठंड पड़ रही है। दो दिन से पारा माइनस में जाने के बाद शहर का तापमान शुक्रवार को 0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में पारा अभी भी माइनस में चल रहा है। जिसके कारण खेतों में रखा पानी जम गया। शुक्रवार को गोद बलाहा के नांगल काठा में खेतों में बर्फ की चादर देखी गई।
मौसम विभाग ने नारनौल शहर के तापमान को अपना आधार बनाया है जो कि खेतों तथा फसलों की दृष्टि से सही नहीं माना जा रहा है। मौसम विभाग के प्रभारी रामचंद्र कौशिक के अनुसार शहर में शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 0 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि अधिकतम तापमान 17 डिग्री पर चला गया। ठंडी हवा चलने के कारण शाम को ही आम लोग अपने घरों में ही दुबकने को मजबूर हो गए। ठंड से आम फसलों को तो नुकसान नहीं हुआ लेकिन कुछ सब्जियों की फसलों को अवश्य नुकसान हुआ है।
ग्रामीण क्षेत्रों में कम रहा तापमान
शुक्रवार को गांवों के लोगों ने देखा कि उनके आसपास के खेतों तथा अन्य स्थानों पर सफेद चादर सी दिखाई देने लगी। किसानों ने खेतों में जाकर देखा तो फसलों पर ओस जमने के करीब पहुंच चुकी थी लेकिन कुछ ही स्थानों पर ओस ने सफेद रूप धारण कर लिया था। खेतों तथा गांवों के आसपास सफेद हुई ओस से महसूस किया गया कि तापमान शून्य से कम था। नांगल काठा में फसलों व खेत में रखे पानी के बर्तनों पर बर्फ की चादर देखी गई।