फोटो 13 मंडी में बाजरा लेकर आते हुए किसान। संवाद
नारनौल। बाजरा खरीद में पारदर्शिता लाने के लिए प्रशासन की ओर से शुरू किए गए किसानों द्वारा क्यूआर कोड जनरेट करने के बाद अचानक से गेट पास कम होने शुरू हो गए हैं। इससे पहले जहां 700 से 1000 गेट पास जारी हो रहे थे। वहीं क्यूआर प्रणाली के शुरू होते ही गेट पास की संख्या में कमी देखने को मिल रही है।
सोमवार से शुरू की गई क्यूआर प्रणाली के चलते मंडी में किसानों के गेट पास की संख्या में लगभग 65 से 70 प्रतिशत की कमी देखने को मिली है। इसकी मुख्य वजह ये सामने आ रही है कि ज्यादातर किसानों के द्वारा स्मार्ट फोन का इस्तेमाल ही नहीं किया जा रहा है। ऐसे में इन किसानों को क्यूआर कोड जनरेट करने में अधिक समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
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आधे से ज्यादा किसान लौटे :
गौरतलब है कि क्यूआर कोड जनरेट होने के बाद जारी हाेने वाले गेट पास के चलते आधे से ज्यादा किसानों को लौटना पड़ा। इसके पीछे किसानों ने कारण बताया कि ग्रामीण क्षेत्र से ताल्लुक रखने के चलते स्मार्ट फोन तो ले लिया लेकिन इसका अच्छे से प्रयोग करना उन्हें अभी तक नहीं आया। ऐसे में प्रशासन की ओर से क्यू आर कोड जनरेट करने के चलते कर्मचारी गेट पास जारी ही नहीं कर रहे हैं। ऐसे में बगैर बाजरा बेचे वापस लौटना पड़ रहा है।
वर्जन:
किसान अपने पंजीकृत मोबाइल से ही क्यूआर कोड जनरेट कर सकते हैं। कोड जनरेट न होने के चलते गाड़ी नंबर व उसमें मौजूद बाजरे का वजन जनरेट नहीं हो पा रहा है। ऐसे में मार्केट कमेटी के कर्मचारी गेट पास जारी नहीं कर पा रहे हैं।
नकुल यादव, सचिव, मार्केट कमेटी, नारनौल।