नांगल चौधरी। क्षेत्र के इंडियन पब्लिक स्कूल की मान्यता को लेकर शिक्षा विभाग की कार्रवाई फिलहाल आगे बढ़ती नजर नहीं आ रही। मामला बढ़ने के बाद स्कूल प्रबंधन ने विद्यार्थियों को टीसी तो जारी कर दी लेकिन ये टीसी किसी अन्य स्कूल के नाम से जारी की गई।
इससे पूरे मामले में नया विवाद खड़ा हो गया है। चर्चा है कि स्कूल का संचालन एक संस्था कर रही थी जबकि बच्चों के दाखिले दूसरे स्कूल के नाम पर दिखाए गए। करीब एक सप्ताह पहले विभाग ने स्कूल के दस्तावेजों की जांच के लिए टीम गठित की थी लेकिन जब टीम स्कूल पहुंची तो स्कूल पर ताला मिला।
इसके कारण टीम बिना जांच किए वापस लौट गई। उस समय खंड शिक्षा अधिकारी ने दो दिन बाद दोबारा जांच करने की बात कही थी लेकिन करीब पांच दिन बीतने के बाद भी कोई नई कार्रवाई नहीं हुई।
इससे पहले तत्कालीन खंड शिक्षा अधिकारी सुनीता यादव भी स्कूल का रिकॉर्ड जांच चुकी हैं। उन्होंने रिपोर्ट बनाकर उच्च अधिकारियों को भेजी थी, लेकिन उसके बाद भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। अब लोगों के बीच सवाल उठ रहे हैं कि जांच आखिर आगे क्यों नहीं बढ़ रही।
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क्या है मामला
एक अभिभावक ने शिकायत दी थी कि निजी स्कूल प्रबंधन बच्चों की ट्रांसफर सर्टिफिकेट (टीसी) जारी नहीं कर रहा। शिकायत के बाद खंड शिक्षा अधिकारी विकास जयदीप ने मामले को गंभीरता से लिया और जांच शुरू करवाई। जांच के दौरान यह बात सामने आई कि संबंधित स्कूल के पास मान्यता नहीं है फिर भी स्कूल का संचालन किया जा रहा है।
वर्जन :
अभिभावक को स्कूल की ओर से दोनों बच्चों की टीसी दे दी गई है जो किसी दूसरे स्कूल की है। विभागीय जांच चल रही है। फिलहाल स्कूलों की छुट्टियां हो गई है, जिससे मान्यता संबंधित जांच नहीं हो पा रही। छुट्टियां समाप्त होने के बाद मान्यता संबंधित जांच की जाएगी।
-विकास जयदीप, खंड शिक्षा अधिकारी, नांगल चौधरी